बंगाल SIR अपीलीय न्यायाधिकरण: न्यायमूर्ति बिस्वजीत बसु ने दिया इस्तीफा
बंगाल के SIR अपीलीय न्यायाधिकरण में 38 लाख अपीलों की सुनवाई के बीच सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु ने इस्तीफा दे दिया है. आधार क्रेडेंशियल विवाद और न्यायाधीशों के इस्तीफे से न्यायाधिकरण का कामकाज प्रभावित हुआ है. न्यायाधिकरण से हटने वाले वह चौथे न्यायाधीश हैं.
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के विशेष गहन संशोधन (SIR) अपीलीय न्यायाधिकरण के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु ने पद से इस्तीफा दे दिया है. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आर.वी. घुगे को भेजे त्यागपत्र में उन्होंने पद छोड़ने की वजह व्यक्तिगत कारण बताई है.
न्यायाधिकरण से हटने वाले वह चौथे न्यायाधीश हैं.
इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम और सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत कुमार बाग व इंद्रजीत चटर्जी भी इस्तीफा दे चुके हैं. हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद न्यायमूर्ति चटर्जी काम जारी रखने पर सहमत हो गए थे.
यह अपीलीय न्यायाधिकरण मतदाता सूची के संशोधन से बाहर किए गए और शामिल किए गए लगभग 38 लाख अपीलों की सुनवाई के लिए गठित किया गया था. शुरुआत में इसमें 19 न्यायाधीश शामिल थे, लेकिन वर्तमान में कितने न्यायाधीश नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं, इस पर स्पष्टता नहीं है.
न्यायाधिकरण का कार्य पहले से ही धीमी गति से चल रहा था, लेकिन 21 सितंबर से आयोग के पोर्टल पर लॉगिन के लिए आधार क्रेडेंशियल दर्ज करने की अनिवार्यता लागू होने के बाद गतिरोध पैदा हो गया.
न्यायाधीशों ने इसे अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी के कामकाज में हस्तक्षेप मानते हुए अपनी जानकारी साझा करने से मना कर दिया, जिसके बाद से किसी आदेश को अपलोड नहीं किया गया है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु और न्यायाधीश चटर्जी मुर्शिदाबाद जिले के मामलों की सुनवाई कर रहे थे, जहां 'तार्किक विसंगति' श्रेणी के तहत सबसे अधिक नाम हटाए गए थे.