साउंड वेव्स तकनीक से ब्रेन हैमरेज के बाद कोमा से जागा मरीज
मस्तिष्क को बिना सर्जरी उत्तेजित करने वाली केंद्रित अल्ट्रासाउंड तकनीक ने 3 महीने से कोमा में पड़े मरीज की जिंदगी में नई उम्मीद जगाई है. चीन में हुए इस नैदानिक परीक्षण के उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: बिना किसी सर्जरी या इलेक्ट्रोड के मस्तिष्क के गहरे हिस्सों को उत्तेजित करने वाली एक नई तकनीक ने न्यूरोलॉजिकल पुनर्वास के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. चीन में ब्रेन हैमरेज के कारण तीन महीने से कोमा में पड़े एक मरीज ने लक्षित ध्वनि तरंगों की मदद से बोलने, खाने और सहारे के साथ चलने की क्षमता फिर से हासिल कर ली है. चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज के शेनजेन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सहित एक गठबंधन द्वारा विकसित इस तकनीक को हाल ही में शेनजेन में आयोजित ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया.
एमआरआई और केंद्रित अल्ट्रासाउंड का संयोजन
इस उपचार प्रक्रिया में एमआरआई के जरिए मस्तिष्क के लक्षित क्षेत्रों, विशेष रूप से थैलेमस की पहचान की जाती है. थैलेमस जागरूकता और न्यूरल नेटवर्क के बीच संचार में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इन क्षेत्रों में केंद्रित अल्ट्रासाउंड पल्स भेजकर शोधकर्ता चेतना के लिए आवश्यक ब्रेन नेटवर्क को बहाल करने का प्रयास करते हैं. कुनमांग मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ किए गए एक प्रारंभिक अध्ययन में चेतना के विकार से पीड़ित 24 में से 13 मरीजों के व्यवहार में सुधार देखा गया. इन मरीजों को चार सप्ताह तक प्रति सप्ताह 20-20 मिनट के तीन सत्र दिए गए थे.
परीक्षण की सीमाएं और वैश्विक प्रयास
हालांकि इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि परीक्षण में कोई नियंत्रण समूह शामिल था या नहीं, जिससे इसके निष्कर्षों की निश्चितता सीमित हो सकती है. इससे पहले इस शोध समूह ने फरवरी में 'फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री' में एक केस स्टडी प्रकाशित की थी, जिसमें एक मरीज के व्यवहार में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया था.
इस तकनीक में बिना क्रेनियोटॉमी या सर्जिकल इम्प्लांट के गहरे मस्तिष्क ढांचे तक पहुंचने की क्षमता है. अमेरिका में भी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स के नेतृत्व में 60 मरीजों पर इसका क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है. वहीं, व्यावसायिक क्षेत्र में भी मर्ज लैब्स जैसी कंपनियां अल्ट्रासाउंड-आधारित ब्रेन इंटरफेस विकसित करने के लिए काम कर रही हैं.