रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

विपक्ष महिला आरक्षण के समर्थन में, लेकिन परिसीमन के विरोध में

C

CG Khabar

15 अप्रै. 2026, 02:19 PM 2 मिनट में पढ़ें 3

खड़गे
खड़गे

नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) के प्रस्तावों ने देश की सियासत में हलचल तेज कर दी है. विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद साफ किया कि वे 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के सिद्धांत का तो समर्थन करते हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन को परिसीमन से जोड़ने के सरकारी तरीके के सख्त खिलाफ हैं. 


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विधेयक 'राजनीतिक लाभ' के लिए लाया गया है. उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के और मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही आगामी चुनावों से लागू किया जाना चाहिए.

विज्ञापन


विपक्ष की मुख्य चिंता परिसीमन की प्रक्रिया और जनगणना के अभाव को लेकर है. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या में भारी फेरबदल करने की योजना है, जिससे दक्षिण और पूर्वी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. 


विपक्षी नेताओं का दावा है कि परिसीमन आयोग का इस्तेमाल एक राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा है, जैसा कि जम्मू-कश्मीर और असम के मामलों में देखा गया है. उन्होंने इसे संघवाद के ढांचे के लिए "खतरनाक" करार दिया.


दूसरी तरफ, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया. 


निर्मला सीतारमण ने आश्वस्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और प्रत्येक राज्य के लिए गठित समितियां सभी हितधारकों से विस्तृत परामर्श करेंगी. 


उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर संवैधानिक प्रक्रिया और कानून को डर की दृष्टि से देखते हैं. सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में बाधा बनना चाहती हैं?


इससे पहले, ममता बनर्जी ने एक चुनावी रैली के दौरान आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार परिसीमन की आड़ में बंगाल को बांटने और एनआरसी (NRC) लागू करने की साजिश रच रही है. 


फिलहाल, केंद्र ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 तक किया जा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय राज्यों की परिसीमन समितियों की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा. वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटें हैं और नए नियमों के तहत महिला आरक्षण की सीटों को रोटेशन प्रणाली के आधार पर बदलने का प्रावधान प्रस्तावित है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP