Operation Sindhu: ईरान से निकाले गये 110 भारतीय
नई दिल्ली । डेस्क: भारत ने ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू किया है. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. इस ऑपरेशन के तहत ईरान के उत्तरी हिस्से से 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकाला गया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "17 जून को भारत ने ईरान के उत्तरी क्षेत्र से 110 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकाला. इन छात्रों को भारत के ईरान और आर्मेनिया में मौजूद दूतावास के अधिकारियों की देखरेख में आर्मेनिया पहुंचाया गया."
उन्होंने आगे कहा, "ये छात्र आर्मेनिया की राजधानी येरेवन से एक विशेष उड़ान के जरिये रवाना हो चुके हैं और 19 जून 2025 की सुबह नई दिल्ली पहुंचेंगे."
ऑपरेशन सिंधु का विवरण
'ऑपरेशन सिंधु' के पहले चरण में, ईरान में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने इन छात्रों से संपर्क किया. उन्हें मंगलवार को ईरान की सीमा पार कर सुरक्षित रूप से आर्मेनिया ले जाया गया. इसके बाद, छात्रों को सड़क मार्ग से येरेवन पहुंचाया गया.
इस पूरी प्रक्रिया में ईरान और आर्मेनिया में भारतीय दूतावास के अधिकारी उनके साथ रहे. बुधवार को येरेवन से एक विशेष विमान ने इन छात्रों को दिल्ली के लिए उड़ान भरी. इनके देर रात या गुरुवार तड़के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है.
ईरान में क्यों बढ़ा तनाव?
पिछले शुक्रवार को इजराइल ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर पलटवार किया. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और संघर्ष लगातार बढ़ रहा है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली कमजोर हो चुकी है और वह हमलों का प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं है.
इस जटिल स्थिति में भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है. विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि ईरान में भारतीय दूतावास के अधिकारी भारतीय नागरिकों को पहले देश के अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं. इसके बाद मौके और सुविधा के अनुसार उन्हें ईरान से निकाला जा रहा है. मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीयों को तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ संपर्क में रहने की सलाह दी है.
भारत ने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिये ईरान और आर्मेनिया की सरकारों का आभार भी जताया है.
'ऑपरेशन सिंधु' के जरिये भारत ने एक बार फिर अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.
ईरान में डॉक्टरी की पढ़ाई सस्ती
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 तक ईरान में लगभग 1500 भारतीय स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे. मेडिकल के अलावा वहां ऐसे भारतीय स्टूडेंट्स भी हैं जो धार्मिक शिक्षा के लिये जाते हैं. ईरान में छह साल की एमबीबीएस की कुल फ़ीस लगभग 15 से 30 लाख रुपये है, जबकि बांग्लादेश में यह फ़ीस दोगुनी यानी लगभग 60 लाख रुपये तक होती है.
ईरान में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिये प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ में तेहरान स्थित ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी और केरमान यूनिवर्सिटी शामिल हैं.