अब चीन युवा जनसंख्या बढ़ाना चाहता है
बीजिंग । डेस्क: चीन अब अपनी युवा जनसंख्या को बढ़ाना चाहता है. इसका कारण है कि चीन अपने जनसंख्या की औसत आयु को कम करना चाहता है. चीन की जनसंख्या की औसत आयु लगभग 40.1 वर्ष है. 2025 का यह अनुमानित आंकड़ा है. चीन की जनसंख्या तेजी से बूढ़ी हो रही है, और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार औसत आयु 1970 में 18 वर्ष से बढ़कर 2020 में 37.5 वर्ष हो गई है.
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चीन में एक वृद्ध होती जनसंख्या है, जिसका अर्थ है कि वृद्ध लोगों का अनुपात बढ़ रहा है और युवा लोगों का अनुपात घट रहा है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2050 में चीन की औसत आयु 50.7 वर्ष तक पहुंचने का अनुमान है. इस कारण से चीन अपने देश में बच्चों की जनसंख्या को बढ़ाना चाहता है.
गौरतलब है कि चीन, दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक, दोहरी जनसांख्यिकीय चुनौती का सामना कर रहा है. नवजात शिशुओं की संख्या में कमी और तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी.
2024 में मामूली सुधार से पहले, देश की जन्म दर और नवजात शिशुओं की कुल संख्या में लगातार सात वर्षों तक गिरावट देखी गई. पिछले साल के अंत तक, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी 310 मिलियन तक पहुंच गई थी.
इन चुनौतियों का जवाब देने के लिये, चीन ने पिछले एक दशक में अपनी परिवार नियोजन नीतियों को धीरे-धीरे उदार किया है. 2016 में एक बच्चे की नीति को समाप्त कर दो बच्चों की अनुमति दी गई, और 2021 में तीसरे बच्चे की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिये समर्थन की घोषणा की गई.
यह राष्ट्रीय बाल देखभाल सब्सिडी इस साल मार्च में वार्षिक सरकारी कार्य रिपोर्ट में पहली बार पेश की गई थी. कई स्थानीय सरकारों ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसी ही योजनाओं का पायलट परीक्षण किया है, जिनमें से कुछ ने विशेष रूप से उदार प्रोत्साहन पेश किए हैं.
चीन ने 2025 से एक राष्ट्रीय बाल देखभाल सब्सिडी कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य परिवारों को सहायता प्रदान करना और जन्म दर को बढ़ावा देना है. इस कार्यक्रम के तहत, तीन साल से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे के लिये परिवारों को प्रति वर्ष 3,600 युआन (लगभग 503 अमरीकी डॉलर) की सब्सिडी दी जायेगी.
यह सब्सिडी व्यक्तिगत आयकर से मुक्त होगी और इसे न्यूनतम निर्वाह भत्ता या अत्यधिक कठिनाई में रहने वाले परिवारों की पहचान के लिये आय के रूप में नहीं गिना जायेगा. इस नीति से हर साल 20 मिलियन से अधिक परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के एक थिंक टैंक के शोधकर्ता झांग बेनबो ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय अनुभव दिखाते हैं कि नकद सब्सिडी जन्म दर बढ़ाने के उपायों का एक अनिवार्य हिस्सा है."
रेनमिन यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना की प्रोफेसर सॉन्ग जियान ने उल्लेख किया कि कम जन्म दर वाले चरण में पहले प्रवेश करने वाले अधिकांश विकसित देशों ने ऐसी ही सब्सिडी योजनाएं अपनाई हैं.
उत्तर चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी होहहोट में, प्रत्येक परिवार के पहले बच्चे के लिए 10,000 युआन का एकमुश्त अनुदान दिया जाता है. दूसरे बच्चे को पांच साल की उम्र तक प्रति वर्ष 10,000 युआन और तीसरे बच्चे को 10 साल की उम्र तक समान राशि दी जाती है.
उत्तर-पूर्वी चीन के लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग में, तीसरे बच्चे वाले स्थानीय परिवारों को बच्चे के तीन साल का होने तक 500 युआन मासिक सब्सिडी दी जाती है.
निंग्जिया हुई स्वायत्त क्षेत्र के यिनचुआन की एक तीन बच्चों की मां वांग लेई ने कहा, "जब हमारा तीसरा बच्चा पैदा हुआ, तो सामुदायिक कार्यकर्ता हमें जन्म सब्सिडी के लिए आवेदन करने की याद दिलाने आए. हम अक्सर मजाक करते हैं कि बच्चा अपनी तनख्वाह के साथ आया."
विशेष रूप से, दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत के पांझिहुआ शहर, जो देश में ऐसी सब्सिडी देने वाला पहला शहर था, ने लगातार चार वर्षों तक अपनी स्थायी निवासी आबादी में सकारात्मक वृद्धि देखी है.
मध्य चीन के हुबेई प्रांत के तियानमेन शहर में 2024 में नवजात शिशुओं की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो राष्ट्रीय औसत 5.8 प्रतिशत से काफी अधिक है, और इसने आठ साल की गिरावट को समाप्त किया. तियानमेन में पिछले साल 7,217 नवजात शिशुओं में से आधे से अधिक दूसरे या तीसरे बच्चे थे.
निंग्जिया के गुआन की एक मां मा यिंग ने कहा, "हालांकि सब्सिडी सभी बाल देखभाल लागतों को कवर नहीं कर सकती, लेकिन वे बेबी फॉर्मूला और डायपर जैसी आवश्यक चीजों में मदद करती हैं, जिससे वित्तीय बोझ कम होता है."
मैक्रोइकॉनॉमिक रिसर्च अकादमी के शोधकर्ता यांग यियॉन्ग ने उल्लेख किया कि हाल की जन्म समर्थक नीतियां शुरुआती परिणाम दिखा रही हैं, और महिलाओं के लिये अधिक सहायक कार्य वातावरण और बेहतर नौकरी के अवसरों ने भी प्रजनन योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद की है.
कैपिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड बिजनेस की प्रोफेसर माओ झूयान ने कहा कि बाल देखभाल सब्सिडी परिवारों पर बोझ कम करने, बच्चों को जन्म देने के बारे में आश्वासन प्रदान करने और जनसंख्या संरचना को अनुकूलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह सभी समस्याओं का समाधान नहीं है.
माओ ने माता-पिता की छुट्टी, बाल देखभाल सेवाओं, शिक्षा और आवास जैसे अन्य उपायों के साथ इसे एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया ताकि अलग-अलग प्रयासों से सीमित प्रभाव से बचा जा सके.
एक अलग कदम में, चीन की केंद्रीय सरकार ने पिछले शुक्रवार को स्थानीय सरकारों को मुफ्त प्रीस्कूल शिक्षा शुरू करने के लिये विस्तृत योजनाएं बनाने का निर्देश जारी किया.
सरकार तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिये नर्सरी देखभाल सेवाओं को भी बढ़ा रही है, जिसका उद्देश्य कामकाजी माता-पिता पर दबाव कम करना और प्रारंभिक बचपन के विकास को बेहतर बनाना है.