ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में ट्रंप के साथ कोई देश नहीं
वॉशिंगटन । डेस्क: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशांत महासागरीय सहयोगियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.
सोमवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया की तीखी आलोचना करते हुए उन पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग न करने का आरोप लगाया.
ट्रंप ने विशेष रूप से हॉरमुज जलडमरूमध्य को ईरानी नियंत्रण से मुक्त कराने के मुद्दे पर नाटो देशों और अन्य सहयोगियों की 'अनिच्छा' पर नाराजगी जाहिर की.
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इन देशों का नाम लेते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई खतरे से सुरक्षा के लिए अमेरिका ने जापान में लगभग 50,000 और दक्षिण कोरिया में 45,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं, इसके बावजूद इन देशों ने संकट के समय अमेरिका का साथ नहीं दिया.
इसी दौरान उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपने बेहतर संबंधों का हवाला देकर सहयोगियों को कड़ा संदेश देने की कोशिश की.
ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि ईरान के साथ तनावपूर्ण स्थिति के 37 दिन बीत जाने के बाद भी अमेरिका हॉरमुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बहाल करने में विफल रहा है.