तेज आंधी-तूफान से नवजात की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गांवों में आंधी-तूफान से तबाही
दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा और कटेकल्याण ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है.
तूफान की चपेट में आने से कई घरों की छतें उड़ गईं, बिजली के खंभे टूट गये और ट्रांसफॉर्मर गिर गये. जगह-जगह कई पेड़ उखड़ गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
इस प्राकृतिक आपदा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. इस भयंकर तूफान के चलते ग्राम पंचायत मोखपाल में एक आठ माह के बच्चे की मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, बच्चे को झूले में सुलाकर मां घरेलू कार्यों में व्यस्त थी. तभी तेज आंधी-तूफान से पूरा घर हिल उठा और छत उड़ गई.
झूले में सो रहे नवजात को तूफान ने झूला सहित उड़ा दिया. वह उछलकर दूर गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.
उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढाढ़स बंधाते हुए शासन की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है.
साथ ही, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत पहुंचाने, आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने और मुआवजा प्रकरण बनाकर पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.
प्राकृतिक आपदाओं की इस मारक त्रासदी ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है. बस्तर के इलाके में लगातार पिछले कुछ दिनों से गर्मी के साथ ही तेज आंधी-तूफान व बारिश हो रही है.
जिला प्रशासन द्वारा राहत कार्य जारी है.