छत्तीसगढ़ में खुलेगा NFSU का नया कैंपस, रायपुर में CFSL को भी मिली मंजूरी
नई दिल्ली । डेस्क: भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली और फॉरेंसिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने देश भर के विभिन्न राज्यों में नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के 14 अतिरिक्त कैंपस स्थापित करने को मंजूरी दे दी है. राज्यसभा में बुधवार को एक लिखित प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने जानकारी दी कि इन नए परिसरों में छत्तीसगढ़ का रायपुर भी शामिल है, जहाँ फॉरेंसिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है.
सरकार ने छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे छह राज्यों में एक विशेष मॉडल अपनाते हुए एनएफएसयू परिसरों को सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज (CFSL) के साथ एक ही स्थान पर स्थापित करने का निर्णय लिया है.
रायपुर, छत्तीसगढ़ में इस परियोजना के लिए भूमि का आवंटन पहले ही किया जा चुका है और वर्तमान में यहाँ का संचालन ट्रांजिट सुविधाओं के माध्यम से किया जा रहा है. इसके साथ ही, देश में मौजूदा सात सीएफएसएल के अलावा आठ नई प्रयोगशालाओं को भी मंजूरी दी गई है, जिनमें से एक छत्तीसगढ़ में स्थित होगी.
इन संस्थानों के माध्यम से डीएनए विश्लेषण, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जैसे आधुनिक क्षेत्रों में 60 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे.
इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक जांच की गुणवत्ता में सुधार करना और न्याय प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना है. इन केंद्रों से न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक अधिकारियों को लाभ होगा, बल्कि बैंकिंग और कॉर्पोरेट क्षेत्र को भी फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकेंगी.