प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए CJP-AISA नेताओं का पता नहीं
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए युवा नेताओं की स्थिति को लेकर विवाद गहरा गया है.
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए युवा नेताओं की स्थिति को लेकर विवाद गहरा गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि हिरासत में लेने के बाद उनके शीर्ष नेताओं का कुछ पता नहीं चल रहा है और उन्हें वकीलों व सहयोगियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
सीजेपी के अनुसार, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय ध्वज के साथ घर से निकलते समय झंडेवालान से हिरासत में लिया गया और फिर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया.
पार्टी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि तिरंगा लेकर चलना कब से अपराध हो गया और प्रशासन से दीपके के ठिकाने की जानकारी मांगी.
दूसरी ओर, आइसा ने दावा किया कि उनकी अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लेकर मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के दफ्तर में रखा गया.
आइसा और पूर्व छात्र नेता एन साई बालाजी ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने उन्हें बस में बिठाया और बाद में कथित रूप से काली खिड़कियों वाली कार में किसी अज्ञात जगह ले जाया गया. पुलिस स्टेशन द्वारा इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है.
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारू रखने के लिए करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया है. इस बीच, कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को सील कर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है.