दुर्ग के गरबा महोत्सव में बवाल, बजरंग दल-वीएचपी का हंगामा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित सिविल लाइन्स हॉकी ग्राउंड में आयोजित एक गरबा कार्यक्रम के दौरान बुधवार रात भारी हंगामा और तनाव की स्थिति बन गई.
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित सिविल लाइन्स हॉकी ग्राउंड में आयोजित एक गरबा कार्यक्रम के दौरान बुधवार रात भारी हंगामा और तनाव की स्थिति बन गई. वहां बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल पर मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर कड़ा ऐतराज जताया.
इस विवाद के बीच मंच पर तीखी बहस के साथ हाथापाई शुरू हो गई, जिसमें कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष व पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की की गई.
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोगों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति स्पष्ट देखी जा सकती है. विवाद की मुख्य वजह एनएसयूआई पदाधिकारी आदिल खान द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक प्रमोशनल पोस्टर बताया जा रहा है, जिसमें गरबा में मुफ्त प्रवेश पास की घोषणा की गई थी.
कार्यक्रम के दौरान दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता अचानक स्थल पर पहुंचे और सीधे मंच पर चढ़ गए. वहां मौजूद एक विरोधी नेता ने माइक से भीड़ को संबोधित करते हुए गरबा स्थल में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर कड़ा विरोध जताया. जब आयोजकों ने उनसे कार्यक्रम में बाधा न डालने की अपील की, तो विवाद और गहरा गया.
इसी बीच हुई धक्का-मुक्की में एक व्यक्ति ने पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल को पीछे की ओर धकेल दिया, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरज बाकलीवाल ने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से निशुल्क था और इसमें किसी भी ऐसे व्यक्ति का स्वागत था जो इस पावन त्योहार में अपनी आस्था और सम्मान के साथ शामिल होना चाहता हो.
उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों पर जानबूझकर कार्यक्रम में खलल डालने का आरोप लगाया. दूसरी ओर, वीएचपी नेता रामलोचन तिवारी ने साफ किया कि उनका संगठन गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवकों की भागीदारी के सख्त खिलाफ है और उन्होंने प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की मांग की है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयोजक समिति की शिकायत पर बलवा, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने जैसी प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस मौके के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच कर रही है, जिसके आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे.