कोरबा में जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने लगाया चक्काजाम
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खस्ताहाल सड़क और लगातार उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा.
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खस्ताहाल सड़क और लगातार उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा. सुतर्रा-बंकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास की बदहाल स्थिति से नाराज लखनपुर और आसपास के गांवों के निवासियों ने शुक्रवार सुबह सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया. सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से गड्ढों में तब्दील हो चुका है. भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही से दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और घरों में धूल भरने जैसी समस्याएं हो रही हैं.
इस स्थिति से सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में नियमित पानी के छिड़काव और सड़क मरम्मत के जो आश्वासन दिए गए थे, उन पर कोई अमल नहीं हुआ.
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर तुरंत सड़क मरम्मत शुरू कराने, नियमित पानी का छिड़काव करने और कार्य पूरा करने की लिखित समय-सीमा देने की मांग की. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया.
खास बात यह है कि यह जनआक्रोश ऐसे समय में सामने आया जब पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश कुमार बंसल खुद कोरबा में सड़क, पुल और निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे. समीक्षा बैठक के दौरान बंसल ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करने और बीटी पैचवर्क में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं.
अपने दौरे के दौरान पीडब्ल्यूडी सचिव ने कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा औद्योगिक कॉरिडोर, हरदीबाजार-तारदा-सर्वमंगला-इमलीछापर मार्ग और ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक 2.84 किमी लंबी सीसी सड़क का निरीक्षण भी किया. उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे करने की ताकीद की है.