रायगढ़ के दो गांवों में बंदरों का आतंक, दहशत में ग्रामीण
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के दो गांवों में लाल मुंह वाले बंदरों (रिफस मैकाक) के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है. तिहावानी और पास के देलारी गांव में बंदरों के आक्रामक व्यवहार के कारण लोगों का बाहर निकलना दुभर हो गया है.
बच्चों ने बाहर खेलना बंद कर दिया है, वहीं बंदरों के डर से लोग केवल जरूरी काम के सिलसिले में ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. ये बंदर न केवल राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि घरों के बाड़े में पली मुर्गियों पर भी हमला कर रहे हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने स्थिति पर संज्ञान लिया है. रायगढ़ डीएफओ अरविंद पीएम के अनुसार, ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद क्षेत्र में पिंजरे, जाल और अन्य उपकरणों के साथ एक विशेष रेस्क्यू टीम तैनात की गई है.
टीम ने अब तक एक आक्रामक बंदर को सुरक्षित पकड़कर जंगलों की ओर छोड़ दिया है, जबकि अन्य बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है.
हमले में घायल हुए कई लोगों का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज टीके लगाने की सलाह दी है. वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने तक बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की अपील की है. Symbolic Photo.