माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ें- कुंजाम
छत्तीसगढ़ के बस्तर का भला हिंसा से नहीं हो सकता- कुंजाम
दंतेवाड़ा | संवाददाताः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने फिर से दुहराया है कि माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ कर लोकतंत्र का रास्ता अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोकतंत्र के रास्ते से ही विकास संभव है.
उन्होंने सीजी ख़बर से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में दुनिया भर के अंदर जितने भी माओवादी विचार धारा के सशस्त्र हथियार बंद लड़ाके संगठन थे, सब अपने देश की सरकारों के साथ शांति वार्ता कर हथियार छोड़कर शांति के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं. सिर्फ हमारे देश में एकमात्र सीपीआई माओवादी पार्टी बची है जो सशस्त्र लड़ाई लड़ रही है. जिससे कुछ हल नहीं निकलना है.
मनीष कुंजाम ने कहा कि दुनिया के तमाम देशों में इस तरह के संगठन आज की तारीख में व आज से काफी पहले हथियार छोड़ चुके हैं. हमारे देश के माओवादी लीडरशिप से हमारी अपील है कि दुनिया को देखें. ये लोग भी हथियार छोड़ दें. इसमें उनका भी भला है, बस्तर का तो भला है ही. इसी में सबकी भलाई है.
मनीष कुंजाम केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की सभा में जा रहे सड़क दुर्घटना का शिकार हुए घायलों से मुलाकात करने दंतेवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने घायलों के समुचित इलाज व गंभीर रूप से घायलों के लिए सरकार से 10 लाख के मुआवजे की मांग की है.
गौरतलब है कि मनीष कुंजाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े रहे हैं और 1993 में पहली बार विधायक बने थे. वे लगातार माओवादी हिंसा के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं. पिछले महीने ही में माओवादियों ने उनके ससुर की हत्या कर दी थी.