सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

शराब घोटालाः आबकारी अफसरों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

H

Hupendra Sharma

19 अग. 2025, 07:40 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

शराब घोटाला
शराब घोटाला

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे आबकारी अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. बहुत जल्द की उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.


सोमवार को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि बड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोपियों को किसी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जा सकता. साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. 

विज्ञापन


दरअसल, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की गिरफ्तारी से बचने के लिए इन सभी अधिकारियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.


जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद याचिकाएं खारिज करते हुए आरोपियों को निचली अदालत में सरेंडर करने के बाद जमानत याचिका लगाने की सलाह दी है.


आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने प्रदेश के कई जिलों में पदस्थ रहे 29आबकारी अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.


ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला है कि इन अधिकारियों ने 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पदस्थ रहते हुए करीब 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की.


आरोप है कि शराब बिक्री और ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर इन अधिकारियों ने मोटी रिश्वत ली और राज्य को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया.


पहले शराब घोटाले की राशि 2100 करोड़ रुपए बताई जा रही थी, लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में घोटाले का आंकड़ा 3200 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.


जांच में सामने आया है कि यह घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिए योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें अधिकारियों, नेताओं और कारोबारियों की मिलीभगत उजागर हुई है. 


इसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. इससे पहले ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ 7 जुलाई को अदालत में चालान पेश किया था. इनमें से 7 अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं. 


राज्य शासन ने किया जमानत का विरोध

जमानत याचिका दायर करने वाले अफसरों ने अदालत में यह दलील दी थी कि वे निर्दोष हैं, उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है.


साथ ही कहा था कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं. कुछ अधिकारियों ने कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने का हवाला देकर जमानत देने का आग्रह किया है. लेकिन अदालत ने इन तमाम तर्कों को खारिज कर दिया. 


सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से भी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए बताया गया कि चालान पेश करने की पूरी तैयारी हो गई है. सभी आरोपियों को उपस्थित होने का समय भी दिया गया है.


इन अफसरों को बनाया गया है आरोपी

प्रमोद नेताम, नीतू नातानी, एल.एस. ध्रुव, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, अरविंद पाटले, दिनकर वासनिक, नोहर ठाकुर, नवीन तोमर, विकास गोस्वामी, रामकृष्ण मिश्रा, मंजूश्री कसेर, विजय सेन, मोहित जायसवाल, गंभीर सिंह नुरूटी, नीतिन खंडुजा, अश्वनी अनंत, अनंत सिंह, सोनल नेताम, गरीब पाल सिंह, सौरभ बक्शी, जेठूराम मंडावी, देवलाल वैद्य, प्रकाश पाल, आशीष कोसम, राजेश जायसवाल आदि शामिल हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP