शराब घोटालाः 3100 पन्नों का चालान पेश, नहीं पहुंचे एक भी आरोपी अधिकारी
शराब घोटाला मामले में 3100 पन्नों का चालान पेश
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को 29 अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश किया. इन अधिकारियों को शराब घोटाले मामले में आरोपी बनाए गए हैं.
जांच एजेंसी ने इन अधिकारियों के खिलाफ 3100 पन्नों का चालान तैयार किया है. जिसे ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में 29 बंडलों में लेकर पहुंचे थे.
जिन अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश हुआ है, उनमें से किसी की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है. ये सभी राजपत्रित अधिकारी हैं और वर्तमान में राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थ हैं.
दूसरी ओर इस मामले में जिन अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश हुआ है, उनमें से एक भी अधिकारी आज अदालत में पेश नहीं हुए. जबकि ईओडब्ल्यू की ओर से सभी को समन जारी किया गया था.
आशंका जताई जा रही है कि सभी आरोपी गिरफ्तारी के डर से कोर्ट में पेश नहीं हुए. अब अदालत इन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर सकती है.
गौरतलब है कि शराब घोटाले में 29 आबकारी अफसर आरोपी हैं. जांच एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ है कि कांग्रेस शासन काल में नकली होलोग्राम से शराब बेचकर घोटाला किया गया था.
इन अफसरों ने सिंडिकेट बनाकर शराब घोटाले में पूरा साथ दिया. इसके एवज में अफसरों को हर साल करोड़ों रुपए का कमीशन मिला है.
जांच के दौरान एसीबी और ईओडब्ल्यू ने सभी अधिकारियों से लंबी पूछताछ की है.
जांच एजेंसी का दावा है कि यह शराब घोटाला साल 2019 से 2023 तक हुआ है.
इस दौरान जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारियों की निगरानी में नकली होलोग्राम लगा अवैध शराब डिस्टलरी से निकलकर सीधे दुकान जाता था.
तत्कालीन सहायक आयुक्त जनार्दन कौरव की निगरानी में डुप्लीकेट होलोग्राम प्रिंट होकर अमित सिंह, दीपक दुआरी और प्रकाश शर्मा के माध्यम से तीनों डिस्टलरी में जाती थी. वहां होलोग्राम लगाकर अवैध शराब सीधे दुकान पहुंचता था.
गौरतलब, है कि ईओडब्ल्यू के अफसर शनिवार को इन अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश करने के लिए कॉपी लेकर पहुंचे थे. लेकिन स्पेशल जज के नहीं होने के कारण चालान पेश नहीं हुआ था.
शनिवार को ही तय हुआ था कि चालान सोमवार को पेश किया जाएगा. इसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम कोर्ट लाए सभी चालान को वापस ले गए थे.