गरियाबंद में 10 साल के मासूम पर तेंदुए का जानलेवा हमला
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के कोडोबत्तार गांव में गुरुवार शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 10 वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया. तेंदुआ बच्चे की गर्दन दबोचकर उसे जंगल की तरफ खींचने की कोशिश कर रहा था.
चीख-पुकार सुनकर दौड़े माता-पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से मुकाबला किया और मासूम को उसके जबड़े से सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हमले के बाद तेंदुआ पास के जंगल में भाग गया.
मिली जानकारी के अनुसार, मासूम अपने पड़ोसी के घर से टीवी देखकर वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर छलांग लगा दी. बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे.
शुरुआत में उन्हें लगा कि किसी आवारा कुत्ते ने हमला किया है, लेकिन जब जानवर ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की, तब पास जाने पर उन्हें तेंदुए का अहसास हुआ. इसके बाद माता-पिता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बच्चे को मौत के मुंह से खींच निकाला.
तेंदुए के इस हमले में बच्चे की गर्दन और शरीर पर गहरे जख्म आए हैं. उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया है.
इस घटना के बाद से इलाके के गांवों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दिनों में पानी और शिकार की तलाश में जंगली जानवर अक्सर इंसानी बस्तियों का रुख करते हैं.
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है. रेंजर प्रांजली मिश्रा ने बताया कि तेंदुए की आवाजाही पर नजर रखने के लिए गांव के आसपास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और बच्चों को घरों के भीतर रखने की हिदायत दी जा रही है. Symbolic Photo