भूस्खलनः 10 यात्री ट्रेनें रद्द, 25 मालगाड़ियां फंसी
भूस्खलन से 10 यात्री ट्रेनें रद्द, 25 मालगाड़ियां फंसी
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में के.के रेल लाइन पर ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-कोत्तवलसा विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं.
रेलवे विभाग की ओर से करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार किया जा रहा है.
वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगढ़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं.
दो दिन से जारी इस मलबा हटाने के कार्य में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
बताया गया कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा. जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई.
सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने ऐहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जा रहा है.
इधर रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें.
ये ट्रेनें हुई रद्द
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता.
रदद् हुई ट्रेनों में राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी, जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी, जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर, किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर, हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी, जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी, विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस, किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस और जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल ट्रेन शामिल हैं.
भूस्खलन के बाद से यात्री ट्रेनों का परिचालन रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
साथ ही मालगाड़ियां भी रुकी हुई हैं, जिससे लौह अयस्क परिवहन पर असर पड़ा है.
किरंदुल से चलने वाली लगभग 25 मालगाड़ियां भी थमी हुई हैं, जिससे रेलवे को भी काफी नुकसान हुआ है.
पहले भी हो चुके हैं भूस्खलन
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं.
इससे पहले भी कई बार भूस्खलन हुआ है. जनवरी 2017 में कुनेरू स्टेशन पर हादसा हुआ था.
हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 39 यात्रियों की जान गई थी. वहीं 50 लोग घायल हुए थे.
इसी साल अक्टूबर 2017 में चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा था.
इसके बाद अगस्त 2022 में शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थम गई थी.
सितंबर 2023 में मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा था. 17 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद रेल लाइन को बहाल किया गया था.
वर्तमान में 2 जुलाई 2025 को मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है, अभी भी स्पष्ट नहीं कि मार्ग कब बहाल होगा.