करंट से मजदूर की मौत, 5 लाख मुआवजा देने कोर्ट का फैसला
बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रेलवे कोचिंग यार्ड में ट्रेन की सफाई करते समय ठेका मजदूर की करंट से मौत मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने संबंधित ठेकेदार को मृतक के परिजनों को 5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह मुआवजा राशि 6 हफ्ते के भीतर देने कहा है.
दरअसल, घटना 23 अगस्त की है. रेलवे के कोचिंग डिपो में वंदे भारत ट्रेन की सफाई के दौरान रेलवे के ठेका श्रमिक प्रताप बर्मन ओएचई तार के संपर्क में आ गया था.
वह जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ का निवासी है. करंट से वह गंभीर रूप से झुलस गया था. जिसके चलते उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
ठेकेदार और रेलवे प्रशासन ने श्रमिक के इलाज में किसी भी प्रकार से मदद करने से इंकार कर दिया था. इससे आक्रोशित परिजनों ने 26 अगस्त को डीआरएम ऑफिस का घेराव कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
मुआवजे के लिए 6 दिनों से प्रदर्शन
इस बीच 28 अगस्त को प्रताप बर्मन की मौत हो गई. परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन को और तेज कर दिया. लेकिन रेलवे ने मुआवजा देने से मना कर दिया.
इससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया. परिजन शव का अंतिम संस्कार करने से मना करते हुए शव को मॉर्च्युरी में फ्रीजर में रखा दिया.
इसके बाद जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शासन और रेल प्रशासन ने 21 लाख 50 हजार रुपए देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन, परिजन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
परिजन एक करोड़ रुपए मुआवजा और पत्नी खुशबू बर्मन को सरकारी नौकरी देने के साथ ही बच्चे की पढ़ाई का खर्च देने की मांग कर रहे हैं.हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लिया
इस बीच मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की. चीफ जस्टिस ने रेलवे के रवैए पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन के भीतर रेलवे के जीएम को शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था.
इस पर आज सुनवाई हुई. इस दौरान रेलवे ने कहा कि 16 लाख 40 हजार मुआवजा पहले से ही दिया गया है.
इसके बाद कोर्ट ने संबंधित ठेकेदार को मृतक के परिवार को और 5 लाख मुआवजा देने का निर्देश देते हुए सुनवाई समाप्त कर दी.
लेकिन परिजन और समाज के लोग अभी भी 1 करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं.
मॉर्च्युरी में शव खराब होने की आशंका
इधर, पिछले 4 दिन से श्रमिक प्रताप बर्मन का शव अस्पताल के मॉर्च्युरी में फ्रीजर में रखा है.
डॉक्टरों ने करंट से झुलसने और पोस्टमार्टम के बाद शव को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखने में आशंका जताई है. डॉक्टरों का कहना है कि झुलसने के कारण से शव पहले से खराब हो गया था. ऐसे में अब लाश सड़ने की आशंका है.