कोरबा: अडानी पावर की जनसुनवाई में ग्रामीणों ने मांगा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कोरबा पावर लिमिटेड (केपीएल) पताड़ी की प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार योजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई सकारात्मक रही. बरपाली तहसील के अंतर्गत आने वाले 12 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने इस दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और क्षेत्र के औद्योगिक विकास का समर्थन किया.
हालांकि, ग्रामीणों ने इस समर्थन के साथ-साथ शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की पुरजोर मांग उठाई.
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त कलेक्टर देवेंद्र पटेल ने की, जबकि क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे. प्रशासन की ओर से एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे और कार्यपालक अभियंता प्रसन्ना सोनकर सहित कई अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की.
जनसुनवाई के दौरान अडानी पावर लिमिटेड के पर्यावरण विभाग प्रमुख आर.एन. शुक्ला ने परियोजना का पूरा खाका पेश किया और बताया कि किस तरह यह विस्तार क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक उन्नति में सहायक होगा.
करीब ढाई घंटे तक चली इस चर्चा में खोड्डल, पताड़ी, सरगबूंदिया और तिलकेजा जैसे गांवों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. ग्रामीणों का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि कंपनी के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी और स्वरोजगार के अवसर मिलने चाहिए.
सरपंचों और अन्य स्थानीय निवासियों ने 800-800 मेगावाट की दो नई इकाइयों के लगने से क्षेत्र में होने वाले सकारात्मक बदलावों पर भरोसा जताया.
ग्रामीणों का कहना था कि औद्योगिक प्रगति से विकास के नए रास्ते खुलेंगे. इस दौरान रिसदिहापारा की भारती कुर्रे जैसी स्थानीय महिलाओं ने गांव में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की अपील की. अधिकारियों ने सभी सुझावों और मांगों को दर्ज करते हुए इन पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है.