कोरबा: बारिश के बीच करंट लगने से दो बच्चों की मौत
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच करंट की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की जान चली गई. इन दर्दनाक हादसों के बाद से पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है. मानसून के दौरान सामने आ रही इन कड़वी सच्चाइयों को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (बिलासपुर क्षेत्र) ने आम नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. बिजली कंपनी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस मौसम में की गई मामूली सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.
विद्युत विभाग ने जनता से अपील की है कि वे आंधी-बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, हाईटेंशन लाइनों और जमीन पर गिरे टूटे तारों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें. अगर कहीं भी क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा या टूटकर गिरा हुआ तार नजर आए, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912, 'मोर बिजली' ऐप या अपने नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र को इसकी सूचना दें ताकि बड़े हादसों को समय रहते रोका जा सके.
इस बीच, जिले में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने सबको झकझोर कर रख दिया है. पहला हादसा सीएसईबी चौकी के अंतर्गत आने वाले पंप हाउस क्षेत्र में हुआ. यहां रहने वाला 6 साल का मासूम ज्योति पांडे अपने घर के बाहर खेल रहा था. बताया जा रहा है कि एक पड़ोसी ने लकड़ी के बांस के सहारे बिजली का अस्थाई कनेक्शन ले रखा था, जो भारी बारिश के कारण टूटकर नीचे गिर गया.
खेलते समय मासूम इस लाइव वायर की चपेट में आ गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.
वहीं, दूसरी हृदयविदारक घटना ग्राम जपेली की है. यहां रहने वाला 12 वर्षीय छात्र शिवम महंत अपने घर पर मोबाइल देख रहा था. फोन की बैटरी कम होने पर वह उसे चार्जिंग पर लगाने आगे बढ़ा. इसी दौरान वह घर के उस दरवाजे के करीब से गुजरा, जहां से बिजली का एक कटा हुआ तार छू रहा था और पूरे ढांचे में करंट फैल चुका था. दरवाजे के संपर्क में आते ही शिवम गंभीर रूप से झुलस गया.
परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर भागे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.