BDG सट्टा ऐप गिरोह का मुख्य सूत्रधार पुणे से गिरफ्तार, क्रिप्टो करेंसी और टेलीग्राम से चल रहा था नेटवर्क
टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सएप ग्रुप और USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिए ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने वाला मुख्य आरोपी किरण साल्वे आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. जांजगीर-चांपा पुलिस ने आरोपी को पुणे से गिरफ्तार कर उसके बैंक खाते की राशि फ्रीज करा दी है.
जांजगीर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘BDG’ (बिग डैडी गेम) के जरिए अवैध कारोबार चलाने वाले मास्टरमाइंड किरण महादु साल्वे को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है. साइबर थाना जांजगीर की टीम आरोपी को पुणे के दत्ता नगर, थाना दौड़ से हिरासत में लेकर जांजगीर लाई और अदालत में पेश किया. इ
स मामले में पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते में मौजूद करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि को फ्रीज करवा दिया है. सीएसपी योगिता बाली खापर्डे के अनुसार, आरोपी एजेंटों के माध्यम से सट्टे का संचालन करता था और उन्हें मुनाफे में से कमीशन बांटता था.
पुलिस की इस कार्रवाई की शुरुआत साइबर थाने को मिली उस सूचना से हुई, जिसमें न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव के मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करने का जिक्र था.
पुलिस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में कार्रवाई करते हुए जब हेमलाल से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसे ‘BDG बिग डैडी गेम’ खेलने की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा ने दी थी. इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शैलेंद्र को पकड़ा गया, जिसने खुलासा किया कि वह व्हाट्सएप के जरिए सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक अपने अन्य सहयोगियों तक पहुंचाता था.
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पूरी तरह से नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर काम करता था, जहां व्हाट्सएप लिंक के जरिए नए लोगों को जोड़ा जाता था और नीचे के लोगों द्वारा दांव पर लगाई गई रकम पर ऊपर के एडमिन को कमीशन मिलता था.
शैलेंद्र शर्मा की निशानदेही पर पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिससे इस प्रकरण में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या अब तक 7 हो गई है.
पुलिस की पड़ताल में किरण साल्वे की मुख्य भूमिका की पुष्टि हुई, जो टेलीग्राम पर ‘ईगल BDG गेम’ नाम से चैनल चला रहा था. इसी चैनल के जरिए उसने शैलेंद्र को जांजगीर जिले का मुख्य एडमिन बनाया था. ऐप में जमा होने वाली रकम के आधार पर किरण साल्वे को भी सीधा कमीशन प्राप्त होता था.
इस पूरे अवैध कारोबार में वित्तीय लेन-देन के लिए मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और USDT क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा था. टेलीग्राम और व्हाट्सएप चैट के साथ-साथ पैसों के लेन-देन से जुड़े पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने किरण साल्वे को नामजद किया.
मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है, और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और नेटवर्क की सघन जांच कर रही है.