जगदलपुर: 21 साल की युवती की मौत पर उलझी गुत्थी, परिजनों ने जताया रेप और हत्या का अंदेशा
जगदलपुर बाफना हाउस युवती मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बीच परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक जांच के नतीजों को मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतका की चाची और मौसी का कहना है कि अंतिम संस्कार से पहले नहलाते समय युवती के शरीर पर नोचने व चोट के कई निशान दिखे थे, साथ ही प्राइवेट पार्ट के पास सूजन और रुई मिली थी.
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान में 21 वर्ष की एक युवती का शव मिलने के बाद से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लगातार नए पहलू सामने आ रहे हैं. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अंशिका जैन (IPS) के नेतृत्व में पांच सदस्यों की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है. इस गठित टीम में कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर, साइबर प्रभारी सागर पाठक, उपनिरीक्षक (SI) रानी सोनी, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सतीश यादव तथा महिला प्रधान आरक्षक उमा भगत को शामिल किया गया है.
पुलिस के अनुसार, मृतका बाफना हाउस में बीते 21 अक्टूबर से कार्यरत थी, जहां कपड़े और ज्वेलरी का व्यापार होता है. परिजनों का दावा है कि यह परिसर पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष बाफना का है.
2 नवंबर को बाफना हाउस परिसर की छत पर युवती का शव जमीन पर पड़ा पाया गया था, जिसके गले में चुन्नी का आधा टूटा हुआ फंदा मौजूद था. इस घटना के बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक 70/26 तथा धारा 194 BNSS के तहत वैधानिक जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की.
पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट के संदर्भ में पुलिस ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि मौत की मुख्य वजह हैंगिंग यानी फांसी लगना सामने आया है. इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी प्रकार की अंदरूनी चोट का कोई उल्लेख नहीं मिला है.
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के दौरान युवती की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसे पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है. अब पुलिस उस नोट की लिखावट और उसमें शामिल बातों का फॉरेंसिक विश्लेषण करा रही है ताकि उसके लेखक और घटना से उसके संबंध की पुष्टि की जा सके.
इसके साथ ही, पुलिस ने परिजनों से युवती का मोबाइल फोन लेकर जब्त किया है, जिसे फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है और मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए उसके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है. दुकान में कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं.
परिजनों का आरोप रेप और हत्या
दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक जांच के नतीजों को मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतका की चाची और मौसी का कहना है कि अंतिम संस्कार से पहले नहलाते समय युवती के शरीर पर नोचने व चोट के कई निशान दिखे थे, साथ ही प्राइवेट पार्ट के पास सूजन और रुई मिली थी.
परिजनों ने आशंका जताई है कि युवती के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की गई और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटकाया गया. परिजनों का यह भी कहना है कि आरोपी पक्ष काफी प्रभावशाली है, जिसके दबाव में आकर निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है.
घटना के पूर्व की जानकारी देते हुए मौसी ने बताया कि शव मिलने से एक दिन पहले शाम लगभग 6 से 6:30 बजे के बीच युवती से फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें उसने बाद में बात करने की बात कही थी. रात 9:30 बजे तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने दुकान के कर्मचारियों से पूछताछ की, तब पता चला कि वह शाम 6:30 बजे से अनुपस्थित है और उसका फोन वहीं छूट गया था.
इसके बाद कर्मचारी फोन लेकर घर पहुंचे, लेकिन परिजनों के वहां जाने पर बाफना हाउस बंद मिला. अगले दिन सुबह 2 नवंबर को परिजनों ने वहां जाकर छत पर शव देखा.
पुलिस ने प्रतिष्ठान में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज परिजनों को दिखाई है, जिसमें युवती अकेले ही छत की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही है. पुलिस का कहना है कि फुटेज में फिलहाल कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई है. हालांकि, परिजन पूरी घटना के समय वहां मौजूद लोगों और 6:30 बजे के बाद की स्थितियों की गहन जांच कर न्याय प्रदान किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं.