कवर्धा: किसान आंदोलन स्थगित: ₹425 प्रति क्विंटल हुआ गन्ने का समर्थन मूल्य
कवर्धा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले में पिछले 48 घंटों से प्रमुख सड़कों को जाम कर रहे किसानों ने अपना आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शनिवार को गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल करने की घोषणा के बाद किसानों ने यह कदम उठाया. संशोधित दरें चालू 2025-26 पेराई सत्र से ही लागू होंगी.
हालांकि, भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन केवल स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं. यदि धान के समर्थन मूल्य और बोनस समेत अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 27 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 33 जिलों के किसान राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने आधिकारिक निवास पर भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह बड़ा फैसला लिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभदायक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. ग्रामीण क्षेत्रों की खुशहाली ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार है और सरकार हर किसान को उसकी मेहनत का सही और न्यायसंगत मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
गन्ने की कीमत बढ़ाने के साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि बिजली कंपनी का निजीकरण नहीं किया जाएगा और राज्य में गोवंश के संरक्षण के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी.
दूसरी ओर, भारतीय किसान संघ के कबीरधाम जिलाध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार ने गन्ने का दाम बढ़ाकर राहत दी है, लेकिन किसानों की मुख्य मांगें-धान का भाव ₹3,100 प्रति क्विंटल से अधिक करना और ₹1,700 करोड़ का धान बोनस देना-अभी भी लंबित हैं.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों का समाधान नहीं निकला, तो 27 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से किसान रायपुर में जुटेंगे. चंद्रवंशी ने इस बात पर भी संतोष जताया कि इतने बड़े पैमाने पर हुए 48 घंटे के उग्र सड़क जाम प्रदर्शन के बावजूद पूरी स्थिति शांतिपूर्ण रही और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई.