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AI कंटेंट पेजों से भड़की थी काठमांडू हिंसा- NHRC

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28 मई 2026, 06:33 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

काठमांंडू हिंसा
काठमांंडू हिंसा

काठमांडू । डेस्क: नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सितंबर में हुए 'जेन जेड' (Gen Z) प्रदर्शनों को लेकर एक चौंकाने वाली जांच रिपोर्ट जारी की है. आयोग का निष्कर्ष है कि इस आंदोलन को हिंसक और विनाशकारी बनाने के लिए तकनीक का व्यवस्थित रूप से दुरुपयोग किया गया था. 


रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को मानसिक रूप से हिंसा के लिए तैयार करने और सुरक्षाकर्मियों को गुमराह करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल एक "हथियार" के रूप में किया गया था.

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जांच के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार की गई फर्जी तस्वीरें और वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे. इनमें संसद भवन और सिंह दरबार जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को जलते हुए और नष्ट होते हुए दिखाया गया था. इस भ्रामक कंटेंट ने जनता की भावनाओं को भड़काने और भ्रम फैलाने में मुख्य भूमिका निभाई. 


आयोग का मानना है कि इस आंदोलन के पीछे दो अलग-अलग समूह सक्रिय थे. एक समूह शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी कर रहा था, जबकि दूसरा समूह ऑनलाइन माध्यम से हिंसा भड़काने की साजिश रच रहा था.


तकनीकी दुरुपयोग के सबसे गंभीर उदाहरण के रूप में नेपाल पुलिस के एक फर्जी फेसबुक पेज की पहचान की गई है. इस पेज पर भ्रामक पोस्ट डालकर दावा किया गया कि पुलिस स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्रों पर बल प्रयोग नहीं कर सकती. इसका उद्देश्य छात्रों को 'ह्यूमन शील्ड' के रूप में इस्तेमाल करना और उन्हें वर्दी में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाना था.


इसके अलावा, उपद्रवियों ने कई स्कूलों की वेबसाइटों और डिजिटल बोर्डों को भी हैक कर लिया, जिन पर "नो मोर स्क्रीन्स, वी आर ऑन स्ट्रीट्स" जैसे नारे लिखकर छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया गया. 


रिपोर्ट में 'वेक अप नेपाल' नामक एक टिकटॉक अकाउंट का भी जिक्र है, जिसने प्रदर्शन से पहले ही लोगों से पेट्रोल बम लाने की सरेआम अपील की थी. एनएचआरसी ने इन स्पष्ट चेतावनी संकेतों के बावजूद सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक न करने और दुष्प्रचार का मुकाबला न करने को लेकर सरकारी सुरक्षा तंत्र की ढीली तैयारी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP