कबीरधाम: ‘चंडालपुर’ गांव को मिली नई पहचान, अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’
कबीरधाम । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव ने वर्षों पुराने उस नाम से मुक्ति पा ली है, जो यहां के निवासियों के लिए लंबे समय से झिझक और असहजता का कारण बना हुआ था. अब 'चंडालपुर' गांव को आधिकारिक रूप से 'चंदनपुर' नाम दे दिया गया है. राज्य शासन द्वारा राजपत्र (गजट) में इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद उपमुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा भारी बारिश के बीच खुद गांव पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपी.
इस घोषणा के साथ ही गांव में जश्न का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक बदलाव की खुशी मनाई.
ग्रामीणों के अनुसार, पुराना नाम न केवल सामाजिक बोलचाल और पहचान में संकोच पैदा करता था, बल्कि युवाओं की पढ़ाई, नौकरियों और शादी-ब्याह के रिश्तों तक में अनचाही असहजता का कारण बनता था.
अपनी आने वाली पीढ़ियों को इस सामाजिक असहजता से बचाने के लिए ग्रामीणों ने वर्षों तक एक लंबा अभियान चलाया. सरकारी प्रक्रियाओं, राज्यपाल की मंजूरी और गजट प्रकाशन के बाद आखिरकार इस मांग को आधिकारिक पहचान मिल गई.
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांवों के नाम केवल प्रशासनिक शब्द नहीं होते, बल्कि वे क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाओं से गहरे जुड़े होते हैं.
राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब सभी सरकारी दस्तावेजों और ऑनलाइन पोर्टल्स पर गांव का नाम बदलकर 'चंदनपुर' दर्ज किया जा रहा है. नाम बदलने के बाद अब सबसे बड़ी व्यावहारिक चुनौती ग्रामीणों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों में संशोधन कराने की है.
ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने गांव में ही एक विशेष शिविर (कैंप) आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के बीच यह बदलाव ग्रामीणों के लिए अपनी पहचान को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने का एक बड़ा जरिया बन गया है.