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झारखंड: दूषित खून चढ़ाने से पाँच बच्चों को हुआ HIV

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26 अक्टू. 2025, 01:30 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

HIV positive
HIV positive

रांची । डेस्क: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के सदर अस्पताल में दूषित खून (Infected Blood) चढ़ाए जाने के बाद पाँच बच्चों के HIV संक्रमित होने की खबरों के बाद हड़कंप मच गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन और अन्य संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है.


यह गंभीर चूक तब सामने आई जब प्रभावित बच्चों में से एक के परिवार ने उपायुक्त (Deputy Commissioner) और राज्य सरकार के पास शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, थैलेसीमिया (Thalassemia) से पीड़ित सात वर्षीय बच्चे को 3 सितंबर को दूषित रक्त चढ़ाया गया था, जिसके बाद 18 अक्टूबर को उसके HIV पॉज़िटिव होने की पुष्टि हुई.

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मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर घटना की जानकारी देते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹2 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, साथ ही बच्चों का मुफ़्त इलाज भी सुनिश्चित किया जाएगा.


मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लापरवाह अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई आवश्यक है.


फिलहाल, अधिकारी इस चूक की परिस्थितियों की गहन जाँच कर रहे हैं और रक्त आधान प्रोटोकॉल (Blood Transfusion Protocols) के सख़्त पालन तथा मरीज़ों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया जा रहा है.


HIV और AIDS के बीच


HIV (एच.आई.वी.) और AIDS (एड्स) को अक्सर एक ही समझा जाता है, लेकिन इनमें एक मूलभूत अंतर है. HIV एक वायरस (Human Immunodeficiency Virus) है जो शरीर को संक्रमित करता है और मुख्य रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) की CD4 कोशिकाओं पर हमला करके उसे कमज़ोर करता है. दूसरी ओर, AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome), HIV संक्रमण का सबसे उन्नत (Advanced) और गंभीर चरण है. 


इसका मतलब है कि AIDS एक ऐसी मेडिकल स्थिति या सिंड्रोम है जो तब विकसित होती है जब HIV वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को इतना ज़्यादा क्षति पहुँचा चुका होता है कि शरीर गंभीर अवसरवादी संक्रमणों (Opportunistic Infections) और कुछ कैंसर से लड़ने की क्षमता खो देता है. 


यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि HIV से संक्रमित प्रत्येक व्यक्ति को AIDS नहीं होता है. एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) जैसी प्रभावी दवाएँ HIV को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, जिससे वायरस को AIDS की स्थिति तक पहुँचने से रोका जा सकता है. 


इसलिए, HIV एक वायरस है, जबकि AIDS उस वायरस के कारण होने वाली अंतिम चरण की बीमारी है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP