चिरमिरी में फैला पीलिया, 2 की मौत
चिरमिरी | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के नगर निगम चिरमिरी में पीलिया से दो युवकों की मौत होने से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर में मेडिकल कैंप लगाने के साथ ही घर-घर जांच शुरू कर दी है.
विभाग की जांच में अभी भी 204 लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं. जिनमें से 21 जिला अस्पताल में भर्ती है. वहीं 142 लोग अलग-अलग अस्पताल और घरों में इलाज करा रहे हैं.
नगर में पिछले एक महीने से पीलिया का प्रकोप जारी है. नगर के पांच वार्डों में यह बीमारी फैली है. सबसे ज्यादा मरीज वार्ड नंबर 20, 21 और 22 में मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग ने 2295 मकानों में रहने वाले 7725 लोगों की स्क्रीनिंग की. इनमें 204 लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए. वहीं 41 लोग स्वस्थ हो चुके हैं.
बताया गया कि छोटा बाजार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22 निवासी कार्तिक (21) की 10 अगस्त और गोपी पढ़वार (30) की 9 अगस्त को पीलिया से मौत हो गई है. इसके बाद से नगर में दहशत का माहौल है. नगरवासियों का आरोप है कि बाजार पारा में दूषित पानी पीने से पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है.
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो-तीन महीनों से क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है. वार्डों में गंदगी का अंबार लगा है. नगर के छोटा बाजार एरिया में वार्ड 19, 20, 21, 22 और 23 में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा है. पीलिया से पीड़ित मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों की है.
नगर के वार्ड क्रमांक 23 में पीलिया के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन आंगनबाड़ी केंद्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.
स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों के घर-घर जाकर उनकी जांच कर रही है. साथ ही जरूरी दवाएं भी दे रही है. विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी का पीने में उपयोग करें. दूषित पानी पीने से बचें. इसके अलावा, लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और नियमित रूप से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है.
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग दवाएं दे रहा तो दूसरी तरफ कुछ लोग इलाज के लिए झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं. इसकी जानकारी मिलने पर सीएमएचओ डॉक्टर अविनाश खरे ने लोगों से झाड़-फूंक से दूर रहने और डॉक्टर की सलाह पर इलाज कराने का आग्रह किया है.
कुछ दिन पहले ही चिरमिरी के एसडीएम विजेंद्र सारथी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, पीएचई विभाग के अधिकारियों और नगर निगम की टीम ने प्रभावित वार्डों का दौरा किया था. उन्होंने सर्वे कार्य भी पूरा किया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है.