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जशपुर: महिला और दिव्यांग बालिका से दरिंदगी, दो दोषियों को जेल

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25 जुल. 2026, 04:53 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

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जशपुर । संवाददातता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिलाओं, बच्चों और विशेष रूप से संवेदनशील वर्गों के खिलाफ हुए अपराधों पर अदालतों का कड़ा रुख सामने आया है. दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए जशपुर की विशेष अदालतों ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कैद की सजा सुनाई है. जशपुर पुलिस द्वारा प्रस्तुत सटीक वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और त्वरित जांच के आधार पर न्यायालय ने यह सख्त फैसला सुनाया.


पहले मामले में कुनकुरी की विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 साल की एक मूक-बधिर बालिका के साथ हुई हैवानियत पर कड़ा फैसला दिया. सितंबर 2024 में फरसाबहार क्षेत्र के रहने वाले 62 वर्षीय गजाधर पैंकरा ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी हवस का शिकार बनाया था. 

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बालिका के बर्ताव में आए बदलाव को देखकर परिजनों ने जब सांकेतिक भाषा में उससे बातचीत की, तब इस खौफनाक घटना का खुलासा हुआ. 


पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई. साथ ही पीड़िता को सरकारी योजना के तहत मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया.


वहीं दूसरे मामले में जशपुर की विशेष एससी/एसटी अदालत ने धोखाधड़ी और शारीरिक शोषण के दोषी को 7 साल की सश्रम जेल की सजा दी है. 


मध्य प्रदेश के सतना निवासी 44 वर्षीय मनोज कुमार पाण्डेय ने खुद को कुंवारा बताकर अपनी सहकर्मी युवती को प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झूठा दिलासा देकर उसका यौन शोषण किया. 


इस दौरान पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म भी दिया, जिसके बाद उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और बच्चों का पिता है. 


पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 और एससी/एसटी कानून के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP