मुस्तफिजुर के चयन पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान को बताया 'देशद्रोही'
नई दिल्ली । डेस्क: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.5 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बाद विवाद गहरा गया है. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बीच इस फैसले की तीखी आलोचना हो रही है.
नागपुर में हिंदू आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की आलोचना की और इस कदम को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया. उन्होंने कहा कि भारत सरकार को बांग्लादेश में हो रही हिंसा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाना चाहिए.
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर घमासान जारी है. शिव सेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने की अनुमति दी गई, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने शाहरुख खान से अपील की कि वे मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करें, वरना राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचेगी.
दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने शाहरुख खान को 'देशद्रोही' कहते हुए उन पर तीखा हमला बोला और कहा कि एक तरफ बांग्लादेश में हिंदू मारे जा रहे हैं और दूसरी तरफ करोड़ों रुपये खर्च कर वहां के खिलाड़ियों को संरक्षण दिया जा रहा है.
इस बीच, AIMIM के वारिस पठान ने भी बांग्लादेश में हिंसा की निंदा की, लेकिन साथ ही भारत-पाकिस्तान मैचों का उदाहरण देते हुए खेल के प्रति चयनात्मक आक्रोश पर सवाल उठाए.
वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बचाव करते हुए कहा कि यदि खिलाड़ी आईपीएल खेल रहा है, तो वह बीसीसीआई (BCCI) के नियमों के तहत है.
उन्होंने सवाल किया कि इसके लिए फ्रेंचाइजी के बजाय नियामक संस्थाओं को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जा रहा है. फिलहाल, इस पूरे विवाद ने खेल और राजनीति के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.