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इज़राइल ने Hind Rajab हत्याकांड में आपराधिक जांच शुरू की

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19 अग. 2026, 05:35 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

हिंद रजब
हिंद रजब

गाज़ा । डेस्क: गाज़ा में युद्ध के दौरान बच्चों की पीड़ा का प्रतीक बनीं पांच साल की बच्ची हिंद रजब (Hind Rajab) की मौत के दो साल से भी अधिक समय बाद इज़राइली सेना ने इस मामले में आपराधिक जांच (Criminal Investigation) शुरू करने की घोषणा की है. शुरुआत में इस घटना में अपनी उपस्थिति से पूरी तरह इनकार करने वाली इज़राइली सेना ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि उसके सैनिकों ने उस गाड़ी पर गोलीबारी की थी, जिसमें बच्ची और उसका परिवार सवार था. हालांकि, पीड़ित परिवार और गाज़ा के आम लोग इस आंतरिक जांच को लेकर बेहद आशंकित हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.


शुरुआती इनकार के बाद इज़राइली सेना की स्वीकारोक्ति


29 जनवरी 2024 की शाम को हुई इस दुखद घटना में हिंद रजब और उसके रिश्तेदार गाज़ा शहर से इज़राइली सेना के आदेशानुसार सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे थे. इसी दौरान उनकी कार पर 300 से अधिक गोलियां बरसाई गईं. कार में सवार हिंद की 15 वर्षीय चचेरी बहन लयान ने रेड क्रिसेंट के कार्यकर्ताओं को फोन कर मदद मांगी थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उसकी मौत हो गई. हिंद कई घंटों तक शवों के बीच तड़पती रही और बाद में उसकी भी मौत हो गई. उसे बचाने गई रेड क्रिसेंट की एम्बुलेंस पर भी पाबंदियां लगाई गईं.

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इज़राइली सेना ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि समीक्षा के बाद और फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट एम्बुलेंस की आवाजाही के समन्वय में हुई कथित विफलताओं को देखते हुए यह आपराधिक जांच तय की गई है. सेना ने यह भी माना कि सैनिकों ने उनकी ओर आ रहे एक वाहन पर गोली चलाई थी. यह पहला मौका है जब इज़राइल ने आधिकारिक तौर पर इस कार पर फायरिंग की बात स्वीकार की है.


पीड़ित परिवार की अंतरराष्ट्रीय न्याय की अपील


इज़राइल की इस आंतरिक जांच को हिंद रजब की दादी ने नाकाफी बताया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि केवल इज़राइली सेना की आंतरिक समीक्षा से सच सामने नहीं आ सकता. उन्होंने मांग की कि हिंद ही नहीं, बल्कि गाज़ा युद्ध में मारे गए हजारों मासूम बच्चों के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए ताकि दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके.


जांच की विश्वसनीयता पर उठते सवाल


गाज़ा में मौजूद लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में इस जांच को लेकर भारी संशय है, क्योंकि अतीत में फिलिस्तीनियों की हत्याओं के मामले में इज़राइली सैनिकों के खिलाफ की गई आंतरिक जांचों में शायद ही कभी किसी को सजा मिली है.


यह घोषणा इज़राइली सेना द्वारा गाज़ा युद्ध के दौरान सैनिकों के आचरण से जुड़ी 150 घटनाओं की समीक्षा के बाद की गई है. इस दौरान हिंद रजब के मामले के साथ-साथ मार्च 2025 में 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स की मौत की भी जांच करने की बात कही गई है. हालांकि, वर्ल्ड सेंट्रल किचन और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के राहत कार्यकर्ताओं पर हुए अन्य हमलों में सेना ने कोई भी आपराधिक जांच शुरू करने से इनकार कर दिया है.


वैश्विक स्तर पर गूंजा था हिंद का दर्द


फोन पर मदद की गुहार लगाती हिंद रजब की आखिरी आवाज सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसने पूरी दुनिया में रोष पैदा कर दिया था. मीडिया जांच रिपोर्टों में भी यह खुलासा हुआ था कि घटना के समय इज़राइली टैंक कार से महज 13 से 23 मीटर की दूरी पर था, जहां से अंदर बैठे आम नागरिकों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था. इस दुखद घटना पर बनी एक डॉक्यू-ड्रामा फिल्म को वर्ष 2026 के ऑस्कर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म की श्रेणी में नामांकित भी किया गया था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP