भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के डूबे 33.68 लाख करोड़ रुपये
मुंबई । डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के चलते भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो हफ्तों से भारी गिरावट का दौर जारी है. 28 फरवरी को ईरान पर हुए सैन्य हमलों और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है.
इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण महज 14 दिनों के भीतर बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 33.68 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है.
शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 1,470.50 अंक टूटकर 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ. इस महीने अब तक सेंसेक्स में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है.
ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अवरुद्ध करने की खबरों ने वैश्विक तेल बाजार में आग लगा दी है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.
कच्चे तेल की इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरेलू तेल कंपनियों जैसे HPCL, IOC और BPCL के शेयरों पर पड़ा है, जिनमें 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई.
इसके साथ ही, कच्चे तेल पर निर्भर रहने वाली एशियन पेंट्स और बर्जर पेंट्स जैसी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान पर बंद हुए. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी और युद्ध के अनिश्चित भविष्य ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.