इंद्रावती नदी जलसंकट, शनिवार से कांग्रेस की पदयात्रा
छत्तीसगढ़ के बस्तर में इंद्रावती नदी में जल संकट
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में इंद्रावती नदी में गहराते जल संकट को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस कल से पदयात्रा निकालने जा रही है. इस पदयात्रा को लेकर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा दीपक बैज की मौजूदगी में जगदलपुर के राजीव भवन में रूपरेखा तैयार की गई.
यह पदयात्रा देश में मिनी नियाग्रा के नाम से मशहूर चित्रकोट जलप्रपात से 40 किलोमीटर दूर जगदलपुर शहर तक निकाली जाएगी और पदयात्रा के आखिरी दिन कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा.
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि सूखती इंद्रावती नदी को लेकर सरकार को किसी तरह की चिंता नहीं है. बस्तरवासियों से राज्य सरकार झूठ बोल रही है, क्योंकि नदी की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
बैज ने आरोप लगाया कि इंद्रावती नदी के आसपास रहने वाले किसान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. फसल बर्बाद हो रही है और लगातार पानी की समस्या बनी हुई है. उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और केंद्र में भी भाजपा की सरकार होने के बावजूद इंद्रावती नदी में बढ़ते जल संकट के निवारण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बस्तर वासियों को 40% पानी मिलने की बात कहकर गुमराह किया जा रहा है.जिसके विरोध में कांग्रेस पदयात्रा निकालेगी, जिसमें किसानों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिलने की बात दीपक बैज ने कही है.
बस्तर वासियों को भ्रमित कर रही राज्य सरकार
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी को बचाने को लेकर कांग्रेस जन आंदोलन शुरू कर रही है.
पहली कड़ी में आगामी 26 अप्रैल को चित्रकोट वॉटरफॉल से जगदलपुर 40 कि.मी की पदयात्रा शुरू की जाएगी.
इस पदयात्रा में प्रभावित किसान, विभिन्न सामाजिक संगठन, जगदलपुर के व्यापारी प्रकोष्ठ से लेकर अन्य राजनीतिक दल के लोग भी पदयात्रा में शामिल होंगे.
26 अप्रैल को यह पदयात्रा निकाली जाएगी और 28 अप्रैल को पदयात्रा जगदलपुर पहुंचेगी. उसी दिन कांग्रेस के द्वारा कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा.
बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में इंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था.इसके गठन के बाद सरकार ने सूखती इंद्रावती नदी की समस्या को लेकर कई जगहों पर बैराज बनाने के प्रस्ताव भी तैयार किये थे, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ भाजपा की सरकार आते ही इंद्रावती नदी की समस्या को भुला दिया गया.
उन्होंने कहा कि बस्तर वासियों को झूठी जानकारी दी जा रही है. भाजपा सरकार जनता को भ्रमित करना बंद करे.
न पीने के लिए और न ही सिंचाई के लिए पानी मिल रहा
दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वाकई बस्तर को उड़ीसा की ओर से 40% पानी मिल रहा है तो इंद्रावती नदी सूखी क्यों है? किसानों को अपनी फसल के लिए पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है?
उन्होंने कहा कि किसानों की फसल सूखकर चौपट हो रही है. खासकर भोंड, तोकापाल, मटनार ऐसे इलाकों में नदी में पानी की भारी समस्या बनी हुई है. राज्य सरकार के कहने पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी झूठी जानकारी दे रहे हैं.
दीपक बैज ने कहा कि बस्तर की जनता को गुमराह किया जा रहा है और इसका असर जगदलपुर शहर के वार्डों में भी देखने को मिल रहा है.भूजल स्तर गिर जाने से वार्डों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है.