INDIA गठबंधन सोमवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेगा- केसी वेणुगोपाल
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए घोषणा की है कि 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन देश में नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए सोमवार को दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगा. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि विपक्षी गठबंधन ने हाल ही में इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से भी मिलकर अपनी चिंताएं दर्ज कराएगा.
केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है. उन्होंने दावा किया कि सरकार विपक्ष के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से डरी हुई है और इसे दबाने के लिए मेट्रो स्टेशनों को बंद करने जैसे कठोर कदम उठा रही है.
वेणुगोपाल ने साफ किया कि जब तक देश में चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हो जाती, तब तक 'इंडिया' गठबंधन का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा.
इसके साथ ही वेणुगोपाल ने केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के लेटरहेड पर भाजपा के चुनाव चिन्ह 'कमल' के इस्तेमाल से जुड़े विवाद पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने केरल को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स/AIIMS) न दिए जाने पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने याद दिलाया कि साल 2015 में संसद में इस मुद्दे पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने केरल को एम्स देने का आश्वासन दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने आज तक पूरा नहीं किया.
दूसरी तरफ, 'इंडिया' गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत जम्मू-कश्मीर घाटी में भी विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया. श्रीनगर में कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से एकत्र होकर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त किए थे. वही, सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अदालती आदेश पर वेणुगोपाल ने संक्षेप में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून और अदालत के आदेश सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं.