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सरेंडर के समय नक्सली जो हथियार सौंपते हैं वो उनके पास कैसे पहुंचे?

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12 मार्च 2026, 01:27 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

नक्सली हथियार
नक्सली हथियार

जगदलपुर । संवाददाता: बस्तर में बुधवार को 108 नक्सलियों के ऐतिहासिक आत्मसमर्पण ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इन नक्सलियों के पास अत्याधुनिक हथियारों का इतना बड़ा जखीरा आता कहाँ से है? डीजीपी अरुण देव गौतम और आईजी सुंदरराज पी के समक्ष जब नक्सलियों ने हथियार डाले, तो सुरक्षा बलों ने इस कड़वे सच की पुष्टि की कि इनमें से अधिकांश हथियार दरअसल पुलिस और सुरक्षा बलों के ही हैं. 


अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि नक्सली संगठन खुद इंसास या एके-47 जैसे ऑटोमेटिक हथियार बनाने में सक्षम नहीं हैं. ये वे हथियार हैं जिन्हें अलग-अलग मुठभेड़ों, घात लगाकर किए गए हमलों या आईईडी ब्लास्ट के दौरान शहीद और घायल जवानों से लूटा गया था. 

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बस्तर रेंज आईजी के अनुसार, अब पुलिस उन पुरानी फाइलों और मुठभेड़ के रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि यह मिलान किया जा सके कि कौन सा हथियार किस विशिष्ट घटना के दौरान जवानों से छीना गया था. इस पड़ताल का उद्देश्य यह समझना है कि लूटे गए हथियारों का रोटेशन संगठन के भीतर किस तरह होता है.


इस सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने 'डम्प' से निकालकर कुल 101 हथियार पुलिस को सौंपे हैं, जो उनकी सैन्य ताकत पर एक बड़ी चोट है. 


सौंपे गए हथियारों की इस विस्तृत सूची में 07 नग AK-47, 10 नग INSAS रायफल, 05 नग SLR रायफल और 04 नग घातक LMG रायफल शामिल हैं. इसके अलावा नक्सलियों ने 20 नग .303 रायफल और 11 नग BGL लांचर्स जैसे भारी उपकरणों के साथ अन्य असलहे भी समर्पित किए हैं. 


राहुल तेलाम, रामधर उर्फ बीरु और कोसा मण्डावी जैसे उच्च स्तरीय कैडरों द्वारा इन हथियारों को वापस करना यह दर्शाता है कि अब नक्सलियों का 'शस्त्रागार' भी खाली हो रहा है. 


पुलिस वर्तमान में इन सभी 101 हथियारों की सीरियल नंबर और तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दशकों के संघर्ष के दौरान किस हमले में इन हथियारों का इस्तेमाल जवानों के खिलाफ ही किया गया था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP