बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी की जलाकर हत्या
ढाका । डेस्क: बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में भीड़ द्वारा हमला कर जलाए गए हिंदू व्यापारी खोकोन चंद्र दास की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. 31 दिसंबर की रात हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे और ढाका के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा जल चुका था.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तनवीर हुसैन ने मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा. यह घटना हाल के दिनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी में एक और गंभीर मामला माना जा रहा है.
घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दमुद्या इलाके के केउरभंगा बाजार के पास हुई. खोकोन चंद्र दास, जो कोनेश्वर यूनियन के तिलई गांव के निवासी थे, स्थानीय बाजार में दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाते थे. रोज की तरह दुकान बंद कर वे दिन की कमाई लेकर सीएनजी ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे, तभी बदमाशों के एक समूह ने उनका वाहन रोक लिया.
आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें ऑटो से खींचकर बाहर निकाला, बेरहमी से पीटा और धारदार हथियारों से वार किया. इसके बाद उनके सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. जान बचाने की कोशिश में खोकोन पास के एक तालाब में कूद गए. उनकी चीखें सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाया, जबकि हमलावर फरार हो गए.
घायल अवस्था में उन्हें रात करीब 10 बजे शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए ढाका रेफर किया गया. उनकी पत्नी सीमा दास ने बताया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी कारण उन पर हमला किया गया.
पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो स्थानीय आरोपियों के नाम सामने आए हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. पुलिस अन्य संलिप्त लोगों की पहचान भी कर रही है.
खोकोन चंद्र दास की हत्या ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हाल ही में मयमनसिंह और ढाका में भी हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या के मामले सामने आए थे. इन घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. (Symbolic Photo)