महादेव ऐप सट्टा नेटवर्क पर GST का शिकंजा: ₹40,600 करोड़ GST देनदारी तय
रायपुर । संवाददाता: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के काले साम्राज्य 'महादेव बुक' पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच हुए करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का आकलन करते हुए कुल 97 लोगों को दो शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं.
इस आधार पर नेटवर्क से 40,603 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया जीएसटी वसूलने का प्रस्ताव रखा गया है. नोटिस पाने वालों में सट्टा सिंडिकेट का मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर और उसका प्रमुख सहयोगी रवि उप्पल भी शामिल हैं.
जांच में खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट सिर्फ एक ऐप या साइट तक सीमित नहीं था, बल्कि gold365.com, laser247.com, 11xplay.com और Skyexchange जैसे आधा दर्जन से अधिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए चल रहा था. इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 2,000 अलग-अलग पैनल काम कर रहे थे.
प्रत्येक पैनल के जरिए रोजाना 5 से 10 लाख रुपये का लेन-देन होता था, जिससे पूरे सिंडिकेट में प्रतिदिन औसतन 99 करोड़ रुपये की रकम जमा कराई जाती थी. इसमें से 70 से 80 फीसदी तक का मुनाफा सीधे हेड ऑफिस (मुख्य प्रमोटरों) तक पहुंचाया जाता था.
सट्टेबाजी के इस खेल में खिलाड़ियों को वॉट्सऐप नंबरों के माध्यम से जोड़कर फर्जी, बेनामी और थर्ड पार्टी बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे. इसके बदले उन्हें डिजिटल बेटिंग क्रेडिट दिए जाते थे, जिनका इस्तेमाल क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस जैसे खेलों पर दांव लगाने के लिए होता था.
इतने विशाल बैंकिंग ट्रांजैक्शन और अरबों के कारोबार के बावजूद न तो इस सिंडिकेट का कोई जीएसटी पंजीकरण कराया गया और ना ही सरकार को कोई कर चुकाया गया.
ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 'गेम्सक्राफ्ट' फैसले के बाद DGGI को इस मामले में कानूनी रूप से सख्त कदम उठाने का मजबूत आधार मिला. एजेंसी ने विस्तृत बैंकिंग डेटा और बयानों का मिलान करने के बाद 30 सितंबर 2023 तक की अवधि के लिए 35,517.22 करोड़ रुपये और 1 अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच की अवधि के लिए 5,085.80 करोड़ रुपये के आईजीएसटी (IGST) की मांग तय की है.
अलग-अलग अवधियों के तहत क्रमशः 66 और 31 लोगों को नामजद किया गया है, जिसके चलते यह देश के गेमिंग सेक्टर में कर चोरी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन बन गया है.