गिग वर्कर: एक तरफ भारी इंसेंटिव, दूसरी तरफ देशव्यापी हड़ताल
नई दिल्ली । डेस्क: नए साल के जश्न के बीच आज देश भर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. एक ओर जहाँ Zomato और Swiggy जैसे दिग्गजों ने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए भारी-भरकम पे-आउट और इंसेंटिव की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर कई गिग वर्कर यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर आज 'राष्ट्रव्यापी हड़ताल' का आह्वान किया है.
ऑर्डर की भारी मांग को देखते हुए कंपनियों ने डिलीवरी पार्टनर्स को लुभाने के लिए खास ऑफर पेश किए हैं:
Zomato: पीक आवर्स (शाम 6 से रात 12 बजे) के दौरान प्रति ऑर्डर ₹120 से ₹150 तक का भुगतान. कंपनी का दावा है कि एक डिलीवरी पार्टनर आज के दिन ₹3,000 तक कमा सकता है. साथ ही, ऑर्डर कैंसिलेशन पर लगने वाली पेनल्टी भी हटा दी गई है.
Swiggy: कंपनी ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच ₹10,000 तक की कमाई का अवसर देने का वादा किया है. आज शाम के 6 घंटों में ही ₹2,000 तक कमाने का विज्ञापन दिया जा रहा है.
उधर, तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और IFAT सहित कई संगठनों ने इस हड़ताल को 'अनिवार्य' बताया है. यूनियनों का दावा है कि लगभग 1.7 लाख से अधिक श्रमिक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं.
प्रमुख मांगें
न्यूनतम वेतन: गिग वर्कर्स के लिए ₹40,000 मासिक न्यूनतम वेतन की मांग.
कानूनी सुरक्षा: कमीशन आधारित मॉडल को खत्म कर सामाजिक सुरक्षा, बीमा और निश्चित कार्य घंटे लागू करना.
काम की स्थिति: 10-मिनट जैसी अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी के दबाव और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर रोक.
GIPSWU के महासचिव निर्मल गोराना ने कहा, "यह हड़ताल गिग वर्कर्स को श्रम अधिकारों से बाहर रखने और दंडात्मक प्रथाओं के खिलाफ एक एकजुट आवाज है. हमने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है."
हड़ताल के कारण Zomato, Swiggy, Blinkit, Instamart और Zepto जैसी सेवाओं में देरी या डिलीवरी पार्टनर्स की कमी देखने को मिल सकती है. हालांकि कंपनियां अतिरिक्त इंसेंटिव के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें.