छत्तीसगढ़ में 'VB G Ram G' पर कांग्रेस-भाजपा में घमासान शुरू
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार योजना के प्रस्तावित ढांचे 'VB G Ram G' को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस द्वारा इस फ्रेमवर्क के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर और इसके स्वरूप को बदलकर इस योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
बैज का दावा है कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, राज्य के 70 प्रतिशत गांवों में रोजगार का काम ठप पड़ा है और श्रमिक पलायन करने को मजबूर हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने योजना के फंडिंग पैटर्न को बदलकर राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है, जिससे इसका क्रियान्वयन प्रभावित होगा.
कांग्रेस के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस अब केवल एक परिवार के हितों तक सीमित रह गई है और नामकरण को लेकर राजनीति कर रही है.
साव ने 'VB G Ram G' ढांचे का बचाव करते हुए इसे समकालीन जरूरतों और 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप एक महत्वपूर्ण सुधार बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत नींव रखेगी और श्रमिकों के अधिकारों को इससे कोई खतरा नहीं है.
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने जन विश्वास (संशोधन) विधेयक-II को राज्यपाल की मंजूरी मिलने का स्वागत किया और आगामी बजट को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप करार दिया. फिलहाल, दोनों दलों के कड़े रुख को देखते हुए राज्य में ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं.