मालगाड़ी की टक्कर से घायल हथिनी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्रैक को पार करते समय एक हथिनी मालगाड़ी की चपेट में आ गई. करीब 40 वर्ष की इस मादा हाथी की हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया.
वन विभाग ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, साथ ही एहतियात के तौर पर आस-पास के ग्रामीणों को अलर्ट रहने को कहा गया है.
यह पूरी घटना घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत चारमार (चारगांव) इलाके की है. मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे हाथियों का एक झुंड जंगल के रास्ते रेलवे लाइन को पार कर रहा था.
इसी दौरान वहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी ने झुंड में शामिल हथिनी को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि हथिनी की कमर और शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बहने लगा. चोट की वजह से वह खड़ी होने की स्थिति में भी नहीं थी.
हादसे की भनक लगते ही ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी. खबर मिलते ही उप वन मंडलाधिकारी आशुतोष मंडावा और वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे.
वन कर्मियों ने डॉक्टरों की एक विशेष टीम को बुलाकर रात में ही घायल हथिनी का रेस्क्यू और इलाज शुरू कर दिया था. विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों के दल ने रातभर हथिनी की जान बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया.
डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) पीएम अरविंद ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और शव के पंचनामे की प्रक्रिया की जा रही है. इसके साथ ही, क्षेत्र में हाथियों के अन्य दलों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को जंगलों की तरफ न जाने और हाथियों के झुंड से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है.