नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के बाद नवजात को बेचने वाला पिता गिरफ्तार
रायपुर । संवाददातता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी का तीन सालों तक शारीरिक शोषण किया. न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पिता और बुआ समेत इस घिनौने अपराध में शामिल कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए अन्य आरोपियों में एक डॉक्टर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर नवजात को बेचने में मदद करने वाले गिरोह के सदस्य शामिल हैं.
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह प्रताड़ना वर्ष 2023 से शुरू हुई थी. पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि अमलीडीह इलाके में स्थित एक रिश्तेदार के घर में आरोपी पिता ने उसे डरा-धमकाकर शराब पिलाई और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद आरोपी किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर लगातार उसका शोषण करता रहा.
इस दौरान जब लड़की पहली बार गर्भवती हुई, तो उसने अपनी बुआ से मदद की गुहार लगाई, लेकिन बुआ ने भी भाई का ही साथ दिया और पीड़िता को जबरन गर्भपात की दवाइयां खिला दीं.
वर्ष 2025 में जब पीड़िता दोबारा गर्भवती हुई, तो आरोपियों ने उसकी उम्र छिपाने का साजिश रचा. पीड़िता को बालिग और शादीशुदा साबित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया, जिसके बाद उसे डंगनिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद आरोपियों ने नवजात को किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया. जांच में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने और अस्पताल में भर्ती कराने वाली डॉक्टर वर्षा मंडल और गीता राय समेत रोहित राय, साहेब मंडल और बरखा वर्मा को भी नामजद कर गिरफ्तार किया है.
पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो (POCSO) एक्ट और बाल न्याय (JJ) अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नवजात शिशु को खरीदने वाले व्यक्ति की तलाश जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है.