छत्तीसगढ़ के सुकमा में 17 माओवादी मारे गए
सुकमा में 17 से अधिक माओवादी मारे गए
सुकमा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित सुकमा ज़िले में माओवादियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में 17 माओवादी मारे गए हैं. इनमें से 11 महिला माओवादी हैं.
मारे गए सभी माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. पुलिस के अनुसार घटनास्थल से आईएनएसएएस और एसएलआर समेत कई हथियाए बरामद हुए हैं.
इस मुठभेड में तीन जवान भी घायल हुए हैं. जिसमें डीआरडी के 3 और एक सीआरपीएफ का जवान है. घायल जवानों की हालत सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है.
मारे गए संदिग्ध माओवादियों में नक्सल संगठन एसजेडसीएम स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर जगदीश उर्फ बुधरा भी शामिल है.
उस पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था. वह सुकमा जिले के पिट्टेडब्बा गांव का रहने वाला था.
जगदीश दरभा डिवीजन का इंचार्ज था. कहा जा रहा है कि वह दरभा घाटी के झीरम कांड में भी शामिल था.
पुलिस को शुक्रवार को सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी.
इसी सूचना पर डीआरजी सुकमा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था.
शनिवार सुबह 8 बजे से सुरक्षा बलों की गोगुंडा के उपमपल्ली इलाके में संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ शुरु हुई.
मुठभेड़ खत्म होने के बाद बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने 17 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि की है.
हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं- शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक अभियान में 16 नक्सलियों को मार दिया है.
ऑटोमेटिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पित हैं.
शाह ने कहा कि हथियार और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता, केवल शांति और विकास से ही बदलाव लाया जा सकता है.