हाथियों ने मकान तोड़ा, बाल-बाल बचा परिवार
कोरबा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बीती रात को हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. एक परिवार घर के अंदर सो रहा था और हाथियों ने उसके घर को तोड़ दिया. पीड़ित परिवार ने एक कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई. हाथियों ने धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है.
दरअसल, कोरबा वन मंडल के कटघोरा क्षेत्र में अभी 67 हाथी अलग-अलग झुंड में घूम रहे हैं. इनमें 12 से अधिक हाथी केंदई रेंज के मोरगा सर्किल में घूम रहे हैं.
इस झुंड में एक नन्हा शावक भी है. चार दिन पहले ही उसका जन्म हुआ है. हाथियों का झुंड शावक की सुरक्षा में ही जुटा हुआ है. इसलिए हाथी ज्यादा आक्रोशित हैं.
शुक्रवार की रात झुंड से अलग होकर कुछ हाथी गयामाड़ा गांव के अंदर घुस आए थे. हाथियों ने यहां अमृतलाल मंझवार के कच्चे मकान को तोड़ दिया.
तोड़फोड़ की आवाज सुनकर परिवार की नींद खुली तो घर के बाहर हाथी मंडरा रहे थे. अंदर से ही परिवार ने हाथियों को देखा और एक कमरे में छिप गए.
हाथी काफी देर तक आसपास घूमते रहे और घर में रखा धान भी खा गए.
बताया गया कि पसान रेंज में एक दंतैल हाथी सड़क किनारे धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है. सूरजपुर से पिछले हफ्ते 12 हाथी यहां पहुंचे हैं. हाथियों का दूसरा झुंड लालपुर और कोरबी क्षेत्र में भी देखा गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार क्षेत्र में विचरण कर रहा है. जिस वजह से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं.
हाथियों के डर से वे न तो सो पा रहे हैं और न ही खेती कर पा रहे हैं. इन दिनों यहां के ग्रामीण दहशत में दिन गुजार रहे हैं.
हालांकि वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है. हाथी मित्र दल भी हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में जुटा है.
वन विभाग ड्रोन कैमरे से भी हाथियों की निगरानी कर रहा है. वन विभाग ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से मना कर रहा है. साथ ही आसपास गांव में मुनादी भी करा रहे हैं.
वन विभाग का कहना है कि विभाग की टीम नुकसान हुए किसानों का सर्वे कर रही है. सर्वे के बाद नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा.