दुर्ग: सरकारी कर्मचारियों के लिये हेलमेट-सीट बेल्ट अनिवार्य हुआ
दुर्ग । संवाददाता: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों के प्रति संजीदगी दिखाने के लिए जिला प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजित सिंह ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जिले के समस्त शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीटबेल्ट का प्रयोग अनिवार्य कर दिया है.
प्रशासन का मानना है कि आम जनता को जागरूक करने से पहले सरकारी अमले को खुद अनुशासन का उदाहरण पेश करना होगा.
कलेक्टर द्वारा जारी ताजा निर्देश के मुताबिक, अब किसी भी सरकारी विभाग का कर्मचारी यदि दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट या चारपहिया वाहन में बिना सीटबेल्ट के पाया जाता है, तो उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
इस आदेश की सबसे खास बात यह है कि इसकी जवाबदेही सीधे विभाग प्रमुखों पर तय की गई है. सभी विभाग अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ कार्यरत हर व्यक्ति अनिवार्य रूप से सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है.
गौरतलब है कि दुर्ग-भिलाई के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद आम नागरिकों में नियमों के प्रति लापरवाही देखी जा रही थी.
वहीं, यह शिकायतें भी आम थीं कि चालानी कार्रवाई केवल आम जनता तक सीमित है, जबकि सरकारी कर्मचारी बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
अब प्रशासन की इस सख्ती से न केवल सरकारी गलियारों में अनुशासन आने की उम्मीद है, बल्कि इससे आम लोगों के बीच भी एक कड़ा संदेश जाएगा कि नियम सबके लिए बराबर हैं. प्रशासन का लक्ष्य चालान काटने से इतर लोगों की जान सुरक्षित करना और सड़क सुरक्षा को एक जन-आंदोलन बनाना है.