दुर्ग: 200 परिवारों ने किया सनातन धर्म में वापसी, नरेंद्राचार्य ने कांग्रेस को घेरा
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग के पुलगांव स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य धार्मिक समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए करीब 200 परिवारों ने सनातन धर्म में वापसी की. जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, गणेश पूजन, विष्णु पूजन और गौ पूजन जैसी शास्त्रसम्मत विधियों के साथ इन परिवारों का शुद्धिकरण कराया गया.
इस दौरान सैकड़ों अन्य साधकों ने भी दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में सच्चिदानंद उपासने और प्रबल प्रताप सिंह जूदेव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे.
समारोह में धर्म वापसी करने वाले मानपुर-मोहला के ताम्रध्वज मेरिया, बालोद के जैत राम गावड़े और चैन सिंह जैसे कई लोगों ने अपनी आपबीती साझा की. उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, गंभीर बीमारियों से मुक्ति और आर्थिक सहायता का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया गया था. हालांकि, धर्मांतरण के बाद भी न तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी और न ही स्वास्थ्य संबंधी कोई लाभ मिला.
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि उचित इलाज न मिलने के कारण उन्होंने अपने परिजनों को खो दिया, जिसके बाद जगद्गुरु की पुस्तक से प्रेरित होकर उन्होंने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया.
इस अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज ने राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में राजनीतिक संरक्षण और वोट बैंक की राजनीति के चलते राज्य में धर्मांतरण के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे हिंदू समाज को व्यापक नुकसान पहुंचा.
उन्होंने वर्तमान सरकारों से मांग की कि सनातन इतिहास, भारतीय संस्कृति और पूर्वजों की गौरवशाली परंपराओं को स्कूली पाठ्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.
जगद्गुरु ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी और दूरस्थ अंचलों को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में शिक्षा और धार्मिक जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर पिछड़े वर्गों को बहलाया-फुसलाया जाता है.
उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए सरकार और धर्मगुरुओं से मिलकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया. इसके साथ ही, समारोह में संस्थान द्वारा चलाए जा रहे लोककल्याणकारी कार्यों जैसे निःशुल्क शिक्षा, अन्नदान, एम्बुलेंस सेवा और रक्तदान शिविरों की जानकारी भी दी गई.