दुर्ग में दिव्यांग मां की बेरहमी से हत्या, हत्यारा बेटा गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह के चलते एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही जन्मदाता की जान ले ली. यह पूरी वारदात पुलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली जेवरा सिरसा चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी पुत्र को हिरासत में ले लिया है.
मामले का खुलासा तब हुआ जब 16 मई 2026 को मृतिका के भतीजे मनीष पटेल ने पुलिस चौकी में अपनी बुआ, 50 वर्षीय सरस्वती पटेल, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना दर्ज कराई. प्रारंभिक सूचना में बताया गया था कि किसी अज्ञात हमलावर ने शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) महिला पर जानलेवा हमला किया है.
पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जब तफ्तीश को आगे बढ़ाया, तो शक की सुई मृतिका के बेटे अश्वनी पटेल पर जाकर टिकी.
सख्ती से की गई पूछताछ के दौरान आरोपी बेटे ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने बताया कि घटना वाले दिन घर में खाना पकाने की बात को लेकर मां-बेटे के बीच तीखी बहस हुई थी. इसी विवाद के दौरान गुस्से से तमतमाए अश्वनी ने पास ही पड़े लकड़ी के भारी डंडे से अपनी मां पर ताबड़तोड़ वार कर दिए.
सिर, सीने, माथे और पेट पर हुए इन घातक प्रहारों के कारण लाचार महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में हुए शव परीक्षण की रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि महिला के बदन पर अंदरूनी और बाहरी गंभीर चोटें आई थीं, जो मौत की मुख्य वजह बनीं.
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे को बरामद कर लिया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया है.