'आनंदबाजार पत्रिका' पर FIR रद्द करने की मांग
कोलकाता । डेस्क: कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय में 20 अगस्त को हुई तोड़फोड़ की घटना की रिपोर्टिंग को लेकर 'आनंदबाजार पत्रिका' और उसके संपादकीय कर्मचारियों के खिलाफ कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पर देश के प्रमुख पत्रकार संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है.
इंडियन वूमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC), प्रेस एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ प्रेस क्लब्स ने एक साझा बयान जारी कर इस कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है और दर्ज FIR को तुरंत वापस लेने की मांग की है.
पत्रकार संगठनों का कहना है कि किसी भी खबर में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और शब्दों का चयन प्रकाशन के आंतरिक मानदंडों और संसदीय मर्यादा के दायरे में रहकर पत्रकार या संपादक तय करते हैं.
ऐसे में विशिष्ट शब्दों के प्रयोग को लेकर पत्रकारों के नाम और पद मांगना उनके वैध काम को निशाना बनाने और डराने-धमकाने जैसा है.
संगठनों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने से जुड़ी धाराओं (धारा 196 और 299) का इस्तेमाल कर पत्रकारों में खौफ का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया ही लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए राज्य सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए.