केरल से दंतेवाड़ा पुलिस ने दबोचा अंतरराज्यीय साइबर ठग
दंतेवाड़ा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस की एक संयुक्त टीम ने तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए केरल के पलक्कड़ जिले से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद अंसार और 22 वर्षीय पी.यू. मोहम्मद रूशीद के रूप में हुई है, जो केरल के पट्टाम्बी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.
इन दोनों शातिरों ने बचेली (दंतेवाड़ा) के एक निवासी को कानून का डर दिखाकर लाखों रुपये की चपत लगाई थी. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और नकदी बरामद की है.
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पीड़ितों को जालसाजों ने अपने जाल में फंसाया. ठगों ने पीड़ित को आधार कार्ड वेरिफिकेशन में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसने का खौफ दिखाया. 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी आधुनिक डराने की तकनीकों का इस्तेमाल कर आरोपियों ने पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 19 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए.
इस धोखाधड़ी के बाद पीड़ित की शिकायत पर बचेली थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद साइबर सेल ने मामले की कमान संभाली.
दंतेवाड़ा साइबर सेल ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक टूल्स और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस का सहारा लिया. पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया. आरोपी खुद को कानून की नजरों से बचाने के लिए दूसरों के बैंक खाते किराए पर लेते थे.
ठगी की रकम इन किराए के खातों में जमा होने के बाद, वे इसे तुरंत क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे ताकि पैसे के वास्तविक स्रोत और ट्रेल को पूरी तरह छिपाया जा सके.
पुलिस टीम ने जब इनके बैंक खातों को खंगाला तो करीब 9 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला. इतना ही नहीं, यह गिरोह देशव्यापी नेटवर्क चला रहा था. जांच में यह बात भी साफ हुई है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु सहित देश के 9 राज्यों में कुल 17 साइबर शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं.
तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर निरीक्षक मधुनाथ ध्रुव के नेतृत्व में एक टीम केरल भेजी गई थी, जिसने स्थानीय पुलिस की मदद से इन्हें धर दबोचा.
इस बड़ी कार्रवाई के बाद दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है. पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई भी अज्ञात व्यक्ति फोन या डिजिटल माध्यम से आधार कार्ड वेरिफिकेशन, मनी लॉन्ड्रिंग या डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसों की मांग करता है, तो बिल्कुल न डरें और न ही कोई रकम ट्रांसफर करें.
किसी भी अनजान शख्स के साथ अपना ओटीपी, बैंक विवरण या निजी दस्तावेज साझा न करें. यदि कोई व्यक्ति ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करे.