दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना दिसंबर तक होगी पूरी
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना का काम अंतिम चरणों में है
रायपुर | संवाददाताः दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना का काम अंतिम चरणों में है. इसी साल दिसंबर तक यह परियोजना पूर्ण होने की उम्मीद है. 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तारोकी से रावघाट खंड की लंबाई 77.5 किलोमीटर है, जिसमें यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है. बड़े और छोटे पुलों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम भी अब अंतिम चरण में है.
रेल विकास निगम लिमिटेड के मुताबिक 17.5 किलोमीटर भूमि अधिग्रहण कार्य संपन्न हो चुका है. 21.94 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य में से अधिकांश पूरा हो चुका है. तीन में से दो बड़े पुल तैयार हो गए हैं, जबकि 61 में से 55 छोटे-मोटे पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है. बैलेस्ट प्रोक्योरमेंट और भवन निर्माण कार्य भी अगस्त–सितंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है.
उल्लेखनीय है कि 95 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग में 16 प्रमुख पुल, 19 रोड ओवर ब्रिज, 45 रोड अंडर ब्रिज और 176 छोटे पुलों का निर्माण शामिल है. केवल 17.5 किलोमीटर लंबे तारोकी–रावघाट खंड में ही 3 प्रमुख पुल, 5 रोड ओवर ब्रिज, 7 रोड अंडर ब्रिज और 49 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं.
माओवादियों ने किए 12 हमले
नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में निर्माण कार्य एक बड़ी चुनौती रहा है. परियोजना को बाधित करने के लिए माओवादियों द्वारा अब तक 12 हमले किए गए हैं. जिसमें 4 मजदूरों और 2 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है.
इसके अलावा निर्माण कार्य में लगे कई उपकरणों और मशीनों में आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं.
सरकार का दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद बस्तर क्षेत्र में खनिज परिवहन, रोजगार, स्थानीय व्यापार और यात्री सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि होगी.
इस रेल परियोजना के पूरा होने से बस्तर राजधानी रायपुर से सीधे रेलवे द्वारा जुड़ जाएगा. इससे बखनिज परिवहन की दिशा में नई गति मिलेगी.
यह रेलवे लाइन रावघाट लौह अयस्क खदानों और सेल/भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.