चक्रवात 'अर्नब': आंध्र और ओडिशा में रेड अलर्ट, 140 km/h की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तेजी से खतरनाक रूप ले रहा है. आंध्र प्रदेश में 5.7 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी शुरू हो चुकी है, वहीं ओडिशा के 6 जिलों में पर्यटकों और मछुआरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. जानिए मौसम विभाग की पूरी चेतावनी और दोनों राज्यों की तैयारियां.
नई दिल्ली । डेस्क: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान 'अर्नब' भयानक रूप ले चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और 27 अक्टूबर तक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 28 अक्टूबर की सुबह यह तूफान 125 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार हवाओं के साथ आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच टकराएगा.
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तबाही की आशंका, भारी बारिश की चेतावनी
तट से टकराने के बाद इस चक्रवात का व्यापक असर तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और ओडिशा में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने 27 और 28 अक्टूबर को कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले तीन दिनों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए तटीय इलाकों के निवासियों को किसी भी लापरवाही से बचने और सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है.
5.7 लाख लोगों की निकासी शुरू, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर
चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने लगभग 5 लाख 70 हजार संवेदनशील लोगों की पहचान की है, जिन्हें सुरक्षित स्थानों और चक्रवात राहत शिविरों में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है. प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तटीय जिलों में हाई अलर्ट पर है.
ओडिशा में स्कूल-कॉलेज बंद, 6 जिलों में पर्यटकों और मछुआरों पर प्रतिबंध
हालांकि चक्रवात के टकराने का मुख्य केंद्र आंध्र प्रदेश रहेगा, लेकिन इसके बाद यह तूफान ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में प्रवेश कर सकता है. इस खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नवरंगपुर में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं. राज्य सरकार ने इन जिलों में समुद्र में मछली पकड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है, साथ ही पहाड़ियों, झरनों और बांधों जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है.
राहत और बचाव कार्य के लिए मंत्रियों और NDRF की तैनाती
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर तैयारियों और राहत कार्यों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलग-अलग संवेदनशील जिलों में तैनात किया है. एनडीआरएफ (NDRF), ओड्राफ (ODRAF) और दमकल विभाग की बचाव टीमों को पहले से ही आपातकालीन स्थानों पर तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.