चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का 5 वां प्लैनम शुरू, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर जोर
बीजिंग में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का महत्वपूर्ण चार दिवसीय 5वां प्लैनम शुरू. भ्रष्टाचार के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' और शी जिनपिंग के नेतृत्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पार्टी अनुशासन को सख्त करने पर मंथन जारी.
बीजिंग । डेस्क: चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश में पार्टी अनुशासन को सख्त करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान को नया आयाम देने के लिए एक महत्वपूर्ण चार दिवसीय बैठक की शुरुआत की है. राजधानी बीजिंग में सोमवार से शुरू हुई 20वीं सेंट्रल कमेटी की इस पांचवीं प्लैनरी बैठक (प्लैनम) में पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली, राजनीतिक वफादारी और सुशासन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है.
पार्टी अनुशासन और आत्म-शासन को मजबूत करने का खाका
आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, बैठक के पहले दिन पार्टी के शीर्ष नेता और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेंट्रल कमेटी के समक्ष पोलित ब्यूरो की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के आत्म-शासन और आंतरिक नियंत्रण को गहराई देने के उद्देश्य से तैयार किए गए एक विशेष मसौदे पर अपना वक्तव्य दिया. बैठक का मुख्य ध्यान पार्टी के भीतर अनुशासन, वैचारिक निष्ठा और प्रशासनिक पारदर्शिता को और अधिक कड़ा बनाने पर है. चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन के निष्कर्षों को गुरुवार को बैठक के समापन के बाद एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा.
'शी जिनपिंग थॉट' के तहत भ्रष्टाचार पर चौतरफा वार
प्लैनम की शुरुआत के साथ ही पार्टी के मुख्य पत्र 'पीपुल्स डेली' ने 'रेन झोंगपिंग' नाम से एक विस्तृत लेख प्रकाशित कर इस बैठक के दूरगामी महत्व को रेखांकित किया. लेख में स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2012 में 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से 'शी जिनपिंग थॉट ऑन पार्टी बिल्डिंग' ने पार्टी के आंतरिक सुधारों को दिशा दी है. भ्रष्टाचार को पार्टी के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसमें कहा गया है कि सरकार ने 1.4 अरब जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर समझौता न करने की नीति अपनाई है. इसी का परिणाम है कि बीते एक दशक में प्रशासनिक अधिकारियों के अनावश्यक खान-पान, उपहार स्वीकार करने और फर्जी विकास दावों जैसी कुरीतियों पर करारा प्रहार किया गया है.
सेना और सेंट्रल कमेटी में बड़े बदलाव के संकेत
पिछले कुछ वर्षों में चीन के सैन्य और प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार विरोधी जांच ने बड़े पैमाने पर उथल-पुथल मचाई है. वर्ष 2022 के बाद से चीन के सैन्य नेतृत्व पर जांच का शिकंजा कसा है, जिसके तहत सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के कई शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है. वर्तमान में 205 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी के लगभग 35 सदस्य या तो जांच के दायरे में हैं या उन्हें पद से हटा दिया गया है. माना जा रहा है कि इस चार दिवसीय प्लैनम के दौरान इन अधिकारियों के औपचारिक निष्कासन और नए नामों की मंजूरी पर मुहर लग सकती है.
वैश्विक संकटों के बीच केंद्रित नेतृत्व की अनिवार्य आवश्यकता
पीपुल्स डेली के लेख में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ऐतिहासिक 'लॉन्ग मार्च' का संदर्भ देते हुए भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय नेतृत्व की एकजुटता को अनिवार्य बताया गया है. लेख में जोर देकर कहा गया है कि 'टू एस्टैब्लिश' और 'टू सेफगार्ड' के सिद्धांतों के तहत राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व को बनाए रखना ही देश की राजनीतिक स्थिरता, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा हुए व्यवधानों से निपटने का मुख्य आधार है.